साप्ताहिक बन्दी दिवस पर दुकानदारों की मनमानी हावी

अधिकारी को देखकर भी नहीं की गयी दुकानें बंद
सत्तादल के नेता दिखाते रहे हनक, अधिकारी पड़े नरम
ललितपुर। शासन के आदेश और जिलाधिकारी अमनदीप डुली के आदेश पर शहर में साप्ताहिक बंदी का सख्ती से पालन कराने का अधिकारी तमाम जतन कर रहे हैं। लेकिन साप्ताहिक बंदी का शहर में मजाक बना हुआ है। इसकी ताजा वानिगी रविवार को उस समय देखने को मिली, जब श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार स्वयं विभागीय टीम लेकर बाजार में खुली दुकानों को बंद कराने पहुंचे। हालांकि साप्ताहिक बंदी को लेकर कुछ दिनों पहले उन्होंने सार्वजनिक रूप से विज्ञप्ति जारी कर समाचार पत्रों में भी प्रकाशन कराया था। बावजूद इसके दुकानों को खोले जाने पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी खूब नाराज नजर आये। लेकिन दुकानें लाव लश्कर के साथ पहुंचे अधिकारी को देखकर दुकानें बंद करने के बजाय उल्टा उनसे ही उलझने लगे। हालांकि कुछ दुकानदारों ने दुकानें बंद करते हुये दूसरों की दुकानें भी सख्ती से बंद कराये जाने की मांग उठायी, जिस पर अधिकारी भी हामी भरते नजर आये। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार अपने कार्यालय से कमलेश गुप्ता और अन्य लोगों को लेकर नझाई बाजार पहुंचे, जहां उन्होंने दुकानदारों से दुकान रविवार को साप्ताहिक बंदी के अवसर पर बंद रखने का आह्वान किया। वहीं घण्टाघर पहुंचने पर बड़े दुकानदार अधिकारी को दुकान पर आता देख बिल्कुल भी नहीं हिचके और बेखौफ होकर अधिकारी के सामने भी दुकानदारी करते नजर आये। अधिकारी ने जब दुकानदारों से बार-बार कहा कि वह दुकानें बंद कर दें तो दुकानदार हामी भरते हुये ग्राहकों को सामान देते हुये नजर आये। फिलहाल साहब वापस आ गये, लेकिन दुकानें पूरा दिन अनवरत रूप से संचालित रहीं।