दुष्कर्मी शिक्षक को न्यायाधीश ने सुनाई बीस वर्ष के कारावास की सजा

ढाई वर्ष पूर्व छात्रा को ट्यूटशन पढ़ाते समय दिया था घटना को अंजाम
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय पाक्सो में विचाराधीन विगत ढाई वर्ष पूर्व घर पर ट्यूशन पढ़ाने वाले एक शिक्षक द्वारा 7 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले मुल्जिम को न्यायाधीश ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई। पुलिस ने मुल्जिम को हिरासत में लेकर जिला कारागार में भेज दिया है।
घटना की पृष्टभूमि पर प्रकाश डालते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र सिंह गौर ने बताया कि कोतवाली सदर अंतर्गत एक मोहल्ले में एक युवक कक्षा 2 की 7 वर्षीय एक छात्रा को ट्यूटशन पढ़ाने के लिए घर आता था। विगत 28 जुलाई 2023 की रात 7 वर्षीय छात्रा ने अपनी दादी को बताया कि ट्यूटशन पढ़ाने वाला शिक्षक उसके साथ गंदी हरकतें करता है। जिसकी जानकारी उसने परिजनों को दी। जब परिजन शिक्षक के घर पहुंचे, और उलाहना दिया, तो आरोपी घर से भाग गया। छात्रा के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी अंकुर जैन पुत्र सुरेश चंद्र जैन पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर छात्रा का चिकित्सीय परीक्षण कराया था। इस दौरान चिकित्सकीय परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पूछताछ के दौरान छात्रा ने बताया था कि ट्यूटशन पढ़ाने के दौरान उक्त शिक्षक द्वारा गंदी हरकतें करते हुए उसके साथ गलत काम किया गया। पुलिस ने बाद में आरोपी के विरूद्व धाराओं में बढ़ोत्तरी करते हुए चार्जशीट तैयार कर इस मामले को न्यायालय में सौंप दिया था। इस मामले में विगत 28 अगस्त 2023 को पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मंगलवार को हुई निर्णायक सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाहों, साक्ष्यों एवं चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर न्यायाधीश नवनीत कुमार भारती ने मुल्जिम को दोषी पाया। न्यायाधीश ने मुल्जिम को 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई। पुलिस ने मुल्जिम को हिरासत में लेकर जिला जेल में भेज दिया है। विदित हो कि वर्तमान में मुल्जिम जमानत पर चल रहा था। वहीं अपर जिला शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र सिंह गौर ने बताया कि पुलिस की सही विवेचना एवं समय पर आरोप पत्र दाखिल करने एवं न्यायालय की कार्रवाई होने से पीडिता को समय पर न्याय मिल सका है। पीडिता को न्याय दिलाने में हेड कांस्टेबल/पैरोकार अनूप कुमार श्रीवास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

