कचहरी परिसर में धूमधाम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

स्वामी विवेकानंद केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे
ललितपुर। कचहरी परिसर में आध्यात्मिक गुरु और युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता हरदयाल लोधी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं ने स्वामी जी के सिद्धांतों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। अधिवक्ता हरदयाल लोधी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संन्यासी नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने 19वीं सदी में थे। उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए का उनका मंत्र आज के युवाओं और अधिवक्ताओं के लिए ऊर्जा का स्रोत है। अधिवक्ता शशिकांत लोधी ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए बौद्धिक शक्ति और नैतिकता का होना आवश्यक है, जो स्वामी जी के दर्शन का मुख्य आधार था। युवा अधिवक्ता कमलेश लोधी ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। इस दौरान कचहरी हरदयाल सिंह लोधी एड, महेंद्र कुमार पाराशर एड., पुष्पेन्द्र सिंह चौहान एड., शशिकांत सिंह लोधी एड., जानकी प्रसाद बौद्ध एड., रवि श्रीवास्तव एड., अजय राजपूत एड., देवसिंह राजपूत, कमलेश लोधी एड., शेरसिंह यादव एड., शैलेन्द्र सिंह लोधी, विकास झा एड., आकाश झा एड., अनुराग लोधी एड., गजराम लोधी, रानू विदुआ एड., भूपेंद्रसिंह यादव एड., दीपक सिंह एड. समेत कई अन्य अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। जिन्होंने स्वामीजी के जीवन प्रसंगों पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर समाज सेवा और न्याय की रक्षा का संकल्प लिया।



