बिरधा स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे, पर्चा काउंटर से कर्मचारी रहे नदारत
स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए सबसे जरूरी पर्चा काउंटर भी बुधबार को सुबह पूरी तरह से खाली रहा पर्चा बनवाने के लिए सुबह से लाइन में लगे मरीज कर्मचारियों के इंतजार में परेशान नजर आए। कई मरीज बिना इलाज कराए वापस लौटने को मजबूर हो गए। मरीजों का कहना है कि समय पर पर्चा न बनने से डॉक्टरों को दिखाना भी संभव नहीं हो पाता है, जिससे उनकी समस्या और बढ़ जाती है।
10:50 बजे तक नहीं पहुंचे डॉक्टर, इलाज कार्य ठप
बुधबार को बिरधा अस्पताल में सामने आया कि सुबह 10:50 बजे तक अस्पताल में कोई भी डॉक्टर अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं था। अस्पताल परिसर में इलाज की व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आई। मरीज और उनके तीमारदार डॉक्टरों के इंतजार में इधर-उधर भटकते रहे। इस स्थिति ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व में जिलाधिकारी के निरीक्षण में भी मिली थीं भारी अनियमितताएं
बताते चले की कि पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी अमनदीप डुली द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में भी अस्पताल में भारी अनियमितताएं सामने आई थीं। उस दौरान कई खामियों को लेकर नाराजगी जताई गई थी और सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
एसडीएम सदर को सौंपी गई थी जांच, एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के दिये गये थे निर्देश
पूर्व निरीक्षण के बाद मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई थी और एक सप्ताह के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह प्रतीत हो रहा है कि जांच के बाद भी व्यवस्थाओं में कोई ठोस बदलाव नहीं आया है।
अस्पताल प्रभारी के आवास पर न रहने की शिकायत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधिकारी अस्पताल परिसर स्थित आवास पर नियमित रूप से नहीं रहते हैं और सप्ताह में केवल एक दिन ही अस्पताल आते हैं। इससे अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं।
जन्म प्रमाण पत्र व डिलीवरी भुगतान के लिए भटक रहे लोग
अस्पताल में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने एवं डिलीवरी से संबंधित भुगतान प्राप्त करने के लिए भी लोगों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित कर्मचारी समय पर उपलब्ध नहीं होते, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
लापरवाही से सरकार की छवि हो रही धूमिल
स्वास्थ्य केंद्र में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई कक्षा में भी लटका मिला ताला, ग्रामीणों में आक्रोश
ललितपुर जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में में अव्यवस्थाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह लगभग 10:50 बजे स्वास्थ्य केंद्र बिरधा में देखा कि कार्यालय के कार्य करने वाले कंप्यूटर कक्ष एवं शोध कक्ष में ताले लटके हुए थे। वहीं क्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की कक्षा भी बंद पाई गई। इससे दूर-दराज के गांवों से आए मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में ऐसी लापरवाही से आम जनता का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।




