अब फर्जी चिकित्सक डा. अभिनव सिंह का जिला जेल में प्रतिदिन होगा चैकअप
टीम बनाकर प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण कराने के दिए निर्देश
जमानत खारिज होने पर कोर्ट में तबीयत खराब का हवाला देने पर न्यायालय ने आदेश किया जारी
पीताम्बरा टुडे-ललितपुर। जनपद में जिला चिकित्सालय में अपने जीजा की डॉक्टर की डिग्री लगाकर तीन वर्षों तक मरीज का उपचार करने वाले फर्जी डॉक्टर अभिनव सिंह उर्फ राजीव सिंह की जमानत खारिज होने के बाद अब वह जेल में ही रहेंगे। जमानत खारिज होने पर डॉक्टर की अधिवक्ता द्वारा उनकी बीमारी का हवाला दिया गया था, जिस पर न्यायालय ने जिला कारागार में निरुद्ध अभियुक्त के प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं। बताया गया है कि 4 फरवरी को अभियुक्त के अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में जमानत हेतु आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें अवगत कराया गया था कि अभियुक्त निर्दोष है और परिवार एक रंजिश एवं संपत्ति के विवाद के कारण उसे झूठा फसाया गया है। इस दौरान न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिस पर उनके अधिवक्ता द्वारा यह बताया गया कि अभिनव गुप्ता पिछले 20 वर्षों से टाइप- वन मधुमेह हृदय रोग से ग्रसित होने के कारण सघन इंसुलिन थेरेपी पर निर्भर है और उसे पड़ने वाला हाइपोग्लाइसीमिया का दौरा जानलेवा है, जिसकी जेल में निगरानी संभव नहीं है, अतः जमानत पर रहा किया जाने योग्य है। इस पर सहायक अभियोजन अधिकारी की आख्या अनुसार जुर्म धारा गंभीर एवं आजामानतीय हैं, आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध है और अभियोजन द्वारा जमानत का प्रबल विरोध भी किया गया। जमानत अर्जी खारिज होने के बाद न्यायालय ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अभियुक्त अभिनव सिंह उर्फ डॉक्टर राजीव गुप्ता के स्वास्थ्य परीक्षण एवं निगरानी हेतु एक चिकित्सा टीम का गठन करें, जो प्रत्येक दिन जिला कारागार में जाकर अभियुक्त का परीक्षण करना सुनिश्चित करेगी। अभियुक्त की यह बीमारी उसकी जमानत देने के लिए पर्याप्त नहीं है।
बताया गया है कि 11 दिसंबर 2025 को आरोपी डॉक्टर अभिनव सिंह उर्फ राजीव गुप्ता की पत्नी ने जिलाधिकारी सत्यप्रकाश एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मयंक गुप्ता से शिकायत की थी कि मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर राजीव गुप्ता उर्फ अभिनव सिंह की डिग्री पर सवाल उठाते बताया था कि राजीव गुप्ता उनका भाई है, जो यहां पर अपने जीजा राजीव गुप्ता की फर्जी डिग्री लगाकर उनका नाम इस्तेमाल कर कार्डियोलॉजिस्ट की नौकरी कर रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि जिस एमबीबीएस, एमडी की डिग्री के आधार पर वह नौकरी कर रहा है, वह उसकी नहीं बल्कि उसके पति राजीव गुप्ता की है, जो वर्तमान में अमेरिका में एक बड़े अस्पताल में डॉक्टर के पद पर कार्यरत है जबकि मेडिकल कॉलेज में जो राजीव गुप्ता बनाकर नौकरी कर रहा है उसका असली नाम अभिनव सिंह है। बताया गया है कि उक्त फर्जी डॉक्टर जिला चिकित्सालय में पिछले तीन वर्षों से नौकरी कर रहा था और किसी को इसकी कानों कान भनक नहीं थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था तब से उक्त फर्जी डॉक्टर जेल में ही है। फिलहाल आरोपी डॉक्टर की जेल से रहा होने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।




