अजमेर, राजस्थान। अजमेर में ऑनलाइन ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कड़ी में ठगों ने एक महिला को फंसाकर अपने खाते में तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1 लाख 19 हजार 500 रुपए की ठगी की। पीड़ित महिला जेनिका जोनवाल, जो धोलाभाटा आनंदपुरी क्षेत्र की निवासी हैं, ने इस मामले में अलवर गेट थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
अलवर गेट थाना पुलिस के अनुसार, महिला को साइबर ठगों ने लालच दिया और तीन ट्रांजैक्शन के माध्यम से 25,500, 69,000 और 25,000 रुपए उनके खाते से ट्रांसफर करा लिए। इस ठगी की जानकारी मिलते ही महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आवेदन किया, जिसके बाद पुलिस ने लगभग 55 हजार रुपए होल्ड कर लिए हैं।
एएसआई राजपाल सिंह ने बताया कि साइबर ठगी की यह घटना गंभीर रूप से देखी जा रही है। पीड़िता ने तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसके चलते पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह जाखड़ के मार्गदर्शन में पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
स्थानीय पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने और ऑनलाइन लेनदेन करते समय पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। वहीं, साइबर क्राइम की शिकायत तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज करनाअत्यंत आवश्यक है।
जेनिका जोनवाल ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने शुरू में कुछ संदेह नहीं किया, लेकिन जब खाता बैलेंस जांचा तो उन्हें यह धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने अन्य लोगों से भी सचेत रहने की अपील की है ताकि वे इस तरह के फ्रॉड का शिकार न हों।
अजमेर के इस मामले से स्पष्ट होता है कि साइबर ठगी एक बढ़ता हुआ अपराध है और इसका शिकार कोई भी हो सकता है। पुलिस की भी प्रयास जारी हैं कि ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और निवारण के प्रयास किए जाएं।
इस घटना से पाठकों के लिए यह जरूरी संदेश है कि डिजिटल लेनदेन करते समय हमेशा सतर्क रहें, आधिकारिक स्रोतों की ही वेबसाइट या एप का उपयोग करें और कहीं भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।


