दो सितंबर से जिले में खोजे जाएंगे कुष्ठ रोगी कुष्ठ रोग खोजी अभियान की आयोजित की गई दो दिवसीय कार्यशाला

ललितपुर। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में दो से पंद्रह सितंबर तक कुष्ठ रोगी खोजी जाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1075 टीमें गठित की गई हैं। इस टीम में आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी सहित स्वयंसेवक भी शामिल रहेंगें। इसे लेकर सीएमओ के सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. इम्तियाज अहमद ने बताया कि जिले को कुष्ठ रोग मुक्त से बनाने के मकसद से 02 सितम्बर से 15 सितम्बर तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जाना है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोग के लक्षण वाले रोगियों को चिन्हित किया जाएगा। संदिग्ध कुष्ठ रोगी की पहचान के उपरान्त उन्हें त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जायेगा। शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार में चिकित्सा अधिकारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें बताया गया कि जनपद में कुश्ठ रोगियों की खोज हेतु 1075 टीमें बनायी जा रही है। टीम में आशा कार्यकत्री, आंगनबाड़ी सहित स्वयं सेवक भी शामिल रहेंगें। इन टीमों के पर्यवेक्षण के लिए 215 टीम पर्यवेक्षकों की डयूटी लगायी जाएगी।
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ये हैं लक्षण
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. आशीष अग्निहोत्री ने बताया है कि कुष्ठ के लक्षणों में त्वचा पर धब्बे जिनमें संवेदना कम हो अथवा न हो, हाथ एवं पैर पर दर्द रहित घाव, नसों में सूजन, नसों का मोटा हो जाना एवं दिव्यांगता आदि सम्मलित है।
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मल्टी ड्रग थैरेपी से ठीक हो जाता कुष्ठ
उप जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. सौरभ सक्सेना ने पावर प्वाइंट प्रिजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुतिकरण देते हुये बताया कि कुष्ठ रोग मल्टी ड्रग थैरेपी से ठीक हो जाता है। यदि समय से इलाज न किया जाये तो दिव्यांगता की संभावना हो सकती है, इसलिए कुष्ठ रोग की जल्द पहचान एवं त्वरित इलाज आवश्यक है।
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छुआछूत की बीमारी नहीं कुष्ठ
कुष्ठ रोग छुआ-छूत की बीमारी नहीं है। हर सफेद दाग कुष्ठ रोग नहीं होता है। उप जिला कुष्ठ रोग अधिकारी ने कुष्ठ रोगियों से भेद-भाव नहीं करने पर बल दिया। बैठक के दौरान विभिन्न ब्लॉकों से आये चिकित्सा अधिकारी, बालकिशन एनएमए एवं कुष्ठ रोग से संबधित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।