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गायब हुए विद्यार्थी को चाइल्ड हेल्प लाइन ने खोजकर परिजनों को किया सुपुर्द

चाइल्ड हेल्प लाइन प्रभारी के कार्य की परिजनों ने की सराहना
ललितपुर। विगत शनिवार को शहर क्षेत्र मेें स्थित एक प्राइवेट विद्यालय से छुट्टी होने के बाद गायब हुए एक छात्र को चाइल्ड हेल्प लाइन के कर्मचारियों द्वारा खोजबीन कर बाल कल्याण समक्ष पेश किया, जहां उसके परिजनों को बुलाकर कॉउसलिंग कराने के बाद सौंप दिया। वहीं बच्चे को पाकर परिजन काफी खुश हुए और चाइल्ड हेल्प लाइन के कर्मचारियों की सराहना की।
कस्बा नाराहट निवासी एक व्यक्ति ललितपुर शहर के एक मोहल्ले में किराए के मकान में रहकर अपने बच्चों को शिक्षा दीक्षा दिला रहा था। बताया गया है कि उसका आठ वर्षीय पुत्र मोहल्ला सदनशाह क्षेत्र में स्थित एक प्राइवेट विद्यालय में कक्षा 2 में अध्ययनरत है। शनिवार को उसका चाचा बच्चे को विद्यालय छोडऩे गया था। दोपहर 12:30 बजे विद्यालय की छुट्टी होने के बाद परिजन उसे समय पर लेने नहीं पहुंचे, जिस कारण वह बालक अकेले विद्यालय से चल पड़ा। दोपहर 1 बजे जब उसका चाचा उसे लिवाने विद्यालय पहुंचा, तो विद्यालय के बाहर उसे न पाकर सख्ते में आ गया और उसकी जगह जगह खोजबीन की। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। जिस कारण उसने इसकी सूचना डायल 1098 पर दी। बच्चे के गुम होने की सूचना मिलते ही डायल 1098 ने तत्काल इसकी सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन को दी और तत्काल बच्चे को खोजने के निर्देश दिये। चाइल्ड हेल्प लाइन प्रभारी रचना सहगल तत्काल अपनी टीम को लेकर बच्चे की फोटो लेकर खोजबीन के लिए निकली, जैसे ही वह अभिलाषा पेट्रोल पंप के पास पहुंचीं, तो वहां बच्चा बैग लेकर आता दिखा, जिसे टीम ने अपने पास बुलाकर जानकारी ली। टीम ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। जिसके चलते मौके पर परिजन भी आ गए। टीम प्रभारी रचना सहगल बच्चे को लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुयीं। जहां बाल कल्याण समिति ने बच्चे को परिजनों को सौंप दिया। बच्चे को पाकर परिजन काफी खुश हुए और समिति के कर्मचारियों के कार्य की सराहना की। वहीं परिजनों का कहना है कि बच्चे के गुम होने से वह काफी परेशान थे और उसकी खोजबीन में लगे हुए थे। दो घंटे बाद जब चाइल्ड हेल्प लाइन द्वारा बच्चे के मिलने की सूचना मिली, तो वह काफी खुश हुए और तत्काल मौके पर पहुंच गए।
शत प्रतिशत शिकायतों का हुआ निस्तारण
विदित हो कि चाइल्ड हेल्प लाइन की स्थापना 1 फरवरी 2024 को की गई थी, जिसमें समिति द्वारा बाल श्रम रोकने, बाल विवाह पर अंकुश लगाने, विद्यालय एवं घर से गायब हुए बच्चों की खोज करने, इसे अलावा बच्चों की आने वाली शिकायतों के निस्तारण के साथ साथ आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत बच्चों की शिकायतों को सुनना है। अब तक चाइल्ड हेल्प लाइन पर लगभग 200 शिकायतें आ चुकी हैं। जहां पर प्रभारी रचना सहगल एवं उनकी टीम द्वारा कॉउसलिंग करने के बाद बच्चों को सौंपा गया।

आरपीएफ को मिले बच्चें को दो दिन में मिलाया परिजनों से
चाइल्ड हेल्प लाइन प्रभारी रचना सहगल ने बताया कि पिछले माह रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ को आठ वर्षीय एक बालक परेशान हालत में मिला था, जो अपने परिजनों के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहा था। आरपीएफ ने इस बच्चें को अपने कब्जे में लेकर चाइल्ड हेल्प लाइन में भेज दिया था। जिसकी जानकारी प्रभारी द्वारा बाल कल्याण समिति व अपने विभाग के अधिकारियों को दी गई थी, बाल कल्याण समिति द्वारा चाइल्ड हेल्प लाइन को बच्चे के परिजनों की जानकारी कर उन्हे सौंपने के निर्देश दिये गए थे। प्रभारी ने बताया कि बच्चे की काउंसिलिग करने के बाद मनोवैज्ञानिक तरीके से बच्चे से जानकारी ली गई, तो उसने अपने परिजनों के बारे में जानकारी दी। बच्चे द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर जब उसके परिजनों से बात चीत की, तो उन्होंने बताया कि उक्त बालक एक माह पूर्व बिना बताए घर से भाग आया था। जिसकी परिजन खोजबीन कर रहे थे। बच्चे के मिलने की जानकारी मिलते ही बालक के परिजन ललितपुर आए और बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुए, जहां से समिति द्वारा बच्चे को परिजनों को सौंपा गया।
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