उत्तर प्रदेशक्राइमराजनीतिराज्य

एलयूसीसी कम्पनी का महाठग रवि तिवारी को पुलिस ने फिर दबोचा

 

रवि तिवारी के अलावा तीन और ठग पुलिस ने धर दबोचे

फॉर्चूनर कार हुयी बरामद, तालबेहट पुलिस को मिली सफलता

ललितपुर। एलयूसीसी नाम की कम्पनी बनाकर लोगों को कम समय में जमा रकम दोगुनी करने का लालच देकर करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी के मामले में ललितपुर पुलिस ने महाठग रवि तिवारी को फिर से धर दबोचने में सफलता हांसिल की है। पुलिस ने रवि तिवारी के अलावा तीन और शातिर ठग हिरासत में लिये हैं। पुलिस ने चारों के पास से पैंतीस लाख रुपये की अनुमानित कीमत की फॉर्चूनर कार बरामद की है।

अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन, डीआईजी परिक्षेत्र झांसी के निर्देशानुक्रम में, पुलिस अधीक्षक ललितपुर मो.मुश्ताक के निर्देशन, एएसपी कालू सिंह एवं सीओ तालबेहट रक्षपाल सिंह के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा ने अपनी टीम के साथ थाने में दर्ज मु.अ.सं. 06/2026 धारा 111, 318(4), 61(2), 338, 352, 351(3), 336(3), 340(2) बीएनएस के अभियोग में वांछित सिविल लाइन चांदमारी निवासी भरत वर्मा पुत्र स्व.जगदीश वर्मा, मड़ावरा निवासी मुकेश कुमार जैन पुत्र स्व.भागचंद्र जैन, मोहल्ला रामनगर लेखपाल कालोनी व हाल 20 ग्रीतग्रीन कॉलोनी करौंद थाना निशातपुरा जिला भोपाल म.प्र. निवासी रविशंकर उर्फ रवि तिवारी पुत्र तिलक राम तिवारी, उसका भाई विनोद कुमार तिवारी उर्फ रानू पुत्र तिलक राम तिवारी को धर दबोचा है। घटना को लेकर तालबेहट पुलिस ने बताया कि संगठित गिरोह बनाकर अपने आर्थिक लाभ के लिये एलयूसीसी नाम की एक चिटफंड कम्पनी के माध्यम से धोखाधड़ी कर षड्यन्त्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार करते हुये पीडि़त के रुपये लेकर हड़प लेना एवं पीडि़त द्वारा अपना रुपया वापस मांगने पर टाल-मटोल करते हुये गाली-गलौच करना तथा जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में सूचना दी गयी थी। सूचना के आधार पर थाना तालबेहट पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर प्रकरण की गंभीरता व व्यापकता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने गुणवत्तापूर्ण विवेचनात्मक कार्यवाही व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु टीमें गठित की गयीं थी। गठित टीमों द्वारा सर्विलांस (मैनुअली/टैक्नीकल), वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन व अन्य एकत्रित साक्ष्यों की मदद से 04 अभियुक्तगण को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ के दौरान हिरासत में लिये गये अभियुक्तों में रविशंकर तिवारी व विनोद तिवारी ने बताया कि वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल ने एलयूसीसी नाम से एक अलग चिटफण्ड नाम की कम्पनी बनवाई। उसने जानबूझकर इस कम्पनी में अलग -अलग राज्यों के लोगो के आधार कार्ड, पैन कार्ड का दुरपयोग करके इस कम्पनी के डायरेक्टर व अन्य महत्वपूर्ण पद दे दिये थे। लेकिन पूरी कम्पनी का संचालन समीर अग्रवाल व उसके मुम्बई, इन्दौर, लखनऊ व अन्य राज्यों व जिलों से जुडे हुए लोगो के द्वारा किया जाता था जिसमें वह, आलोक जैन व अन्य हमारे सभी साथी मंहगे- मंहगे होटले में सेमिनार का आयोजन करते थे। वहां पर लोगो को हम लोगो लालच देकर विदेश में ले जाकर घुमाते भी थे ताकि लोगो को लगे कि हमारी कम्पनी सही कम्पनी है और इसमे ज्यादा से ज्यादा लोगो को जोडने पर रातो रातो अमीर बना जा सकता है। सेमिनार में हम लोग महगी गाडियो का भी लालच देते थे कि गाडियां आपको मुफ्त में मिल जायेगी और हम लोग मंहगे कपड़े, और होटलो में खाना मुफ्त में खिलाते थे ताकि लोग हम लोगो से जुड़ सकें। इस सोसायटी के माध्यम से पांच वर्ष में निवेशित धनराशि डबल होने के बारे में जानकारी देते थे और लोगो को बताते थे कि सोसायटी में निवेश की गयी धनराशि को गोल्ड माइन्स एडवर्टाइजमेन्ट कम्पनी, लोहे की खदान, तेल के कुंए में लगाने की बात हम लोग बताते थे और इस बात का भी विश्वास देते थे कि आप लोगों द्वारा निवेश किये गये एवं कराये जा रहे धन को शत प्रतिशत सुरक्षित किया गया है और वह बहुत जल्दी ही डबल हो जायेगा। हमारी कम्पनी में अलग-अलग स्कीम के माध्यम से लोगो को जुडने कि लिये प्रेरित करते थे। उक्त लोग अलग-अलग स्कीमों में अलग-अलग राज्यो और अलग-अलग जिलो में जैसे ललितपुर, टीकमगढ, सागर, अशोक नगर, झांसी एवं विदिशा में अपना नेटवर्क स्थापित करते हुए निवेशकर्ताओं को लाभान्वित करने का विश्वास दिलाकर सैकड़ो- करोडों रुपये से अधिक का निवेश कराया है। मैंने इस कारोबार में धन की मोटी आमद को देखते हुए अपने भाई विनोद तिवारी को भी लगाकर अपने कार्यक्षेत्र में इजाफा किया जिसके एवज में मुझे अब तक करोड़ों रुपये कमीशन के रूप में प्राप्त हो चुके है। कम्पनी द्वारा 10 अलग -अलग ग्रुप बनाये गये हैं जिसमें अल्टो ग्रुप, स्कार्पियों ग्रुप, एक्सयूवी ग्रुप आदि हैं। जिसका लालच देकर के हम लोग भोले-भाले लोगो को पैसा जमा कराने के लिये प्रेरित करते हैं कि आप लोगो को भी यह मंहगी गाडियां मिल सकती है। रवि तिवारी ने बताया कि उसने अपने भाईयों व परिवारों के अन्य सदस्यो के नाम पर कई करोड का होटल, प्लाट, जमीने ललितपुर, भोपाल, इन्दौर आदि जगह खरीदी हैं। कम्पनी का नाम और अपने कार्यालय लगातार बदलते रहते है जिससे पकड़े न जाये और जब भी कोई शिकायत करता है तो उसका रूपया देकर हम लोग आसानी से बच जाते है। इसी कम्पनी के माध्यम से कमाये हुए करोड़ो रूपयों से मैने विलासतापूर्ण जीवन जिया है। भरत वर्मा ने बताया कि वह एलयूसीसी आफिस में विभिन्न ब्रांचों से कैश कलेक्शन करने का कार्य करता था जिसके लिये मुझे मासिक रुपये 50 हजार रुपये के अतिरिक्त समय समय पर आलोक जैन द्वारा उपहार स्वरूप नगदी भी दी जाती थी। इस कार्यालय में काफी रुपये निवेशकर्ताओं के विभिन्न ब्रांचो से इक_ा होते थे प्रतिदिन जमा की गयी नगदी का लेखा जोखा मैं स्वयं रखता था और आलोक जैन के माध्यम से प्रतिदिन लाखों रुपये झांसी स्थित एलयूसीसी के चेस्ट में भिजवाता था। मुकेश जैन ने बताया कि वह मडावरा में एलयूसीसी ब्रान्च आफिस का हैड था जिसमें मैने अब तक करोडों रूपयो को अपने कार्यालय के माध्यम से एलयूसीसी में निवेश कराया है। वह ब्रान्च आफिस पर संकलित धन राशि को एलयूसीसी वैन के माध्यम से जनपदीय हेड आफिस ललितपुर रवि तिवारी एवं आलोक जैन के पास भेजता था। हम सभी लोगों ने आमजनमानस के साथ धोखाधडी कर कपटपूर्वक संगठित रूप से धन अर्जित करने के लिये उनके धन का निवेश कराकर कूटरचित मूल्यवान प्रतिभूति एफडी/आरडी के रूप में देकर ठगी का काम किया है। महाठगों को पकडऩे में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली तालबेहट मनोज मिश्रा, स्वाट टीम प्रभारी उ.नि.अतुल तिवारी व सर्विलांस प्रभारी उ.नि. अरूण पवार आदि शामिल रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!