भण्डारे का सामान लेकर ट्रैक्टर से लौट रहे युवकों पर कुल्हाड़ी से हमला
जानलेवा हमले में दो लोग घायल, पीडि़त पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
ललितपुर। भण्डारा समाप्त कर प्रधान के ट्रैक्टर से सामान लेकर लौट रहे युवकों को बीच रास्ते में रोकते हुये जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर गालियां देकर अपमानित करने, मारपीट कर धमकाने का मामला प्रकाश में आया है। इस मारपीट में घायल युवकों के परिजनों ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। पीडि़त पक्ष की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आधा दर्जन नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
पुलिस चौकी अमरपुर गल्ला मण्डी क्षेत्र के ग्राम विघामहावत में रहने वाले राकेश पुत्र प्यारेलाल ने तहरीर देकर बताया कि बीती तीस जनवरी को गांव में स्थित माता मंदिर पर अहिरवार समाज का सामूहिक भण्डारा था। भण्डारा उपरान्त रात करीब 8.30 बजे उसका पुत्र देशराज व गांव का शिवचरन पुत्र खरगेे अपने गांव प्रधान के ट्रैक्टर से सामान लेकर वापस लौट रहा था। आरोप है कि वह जैसे ही गांव में पहुंचा तो बलवंत सिंह ने अपने मकान के सामने बीच रोड पर मोटर साइकिल लगा दी। बलवंत से जब मोटर साइकिल हटाने की बात कही तो बलवंत सिंह पुत्र सिंधुसिंह राजपूत, कल्लू पुत्र रूप सिंह, राजन पुत्र बाबू, लखन पुत्र देशपत, प्रभु पुत्र प्रीतम, निहाल पुत्र सूरज सिंह लोधी ने एकराय होकर अपने-अपने हाथों में लाठी-डण्डा व कुल्हाड़ी लेकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गालियां देने लगे। मोटर साइकिल बीच रोड से हटाने और गालियां देने का विरोध करने पर उक्त लोगों ने देशराज व शिवचरन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये। हमले में शिवचरन का सिर फट गया तो वहीं देशराज को भी काफी चोटें आयीं। घटना को देख ट्रॉली में सवार लोगों ने जब हमलावरों को ललकारा तो उक्त लोग जान से मारने की धमकी देते हुये भाग गये। शोरगुल सुनकर कृष्णपाल पुत्र रमू अहिरवार, शिवदीन पुत्र खरगे, बब्बू पुत्र मिटठूलाल, ललनजू पुत्र जुरऊ एवं ट्रैक्टर में बैठे लोगों ने देखा। मौके से डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, तब अमरपुर मण्डी चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। आरोप है कि उक्त लोग दबंग और आपराधिक किस्म के लोग हैं। यह भी आरोप है कि हमलावरों ने धमकी दी है कि शिकायत की तो गांव में आना-जाना बंद कर देंगे। पुलिस ने पीडि़त की तहरीर पर उक्त लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191 (2), 115 (2), 352, 351 (3) व एस.सी. एस.टी. एक्ट की धारा 3 (1)(द), 3 (1)(घ), 3 (2)(व्ही.ए.) के तहत एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।




