सेवा विस्तार की मांग को लेकर सड़क पर 55 सुरक्षा गार्ड प्रभारी मंत्री को ज्ञापन भेजकर उठायी कार्यवाही की मांग
मेडिकल कॉलेज में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मियों की सेवा समाप्त होने से परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
ललितपुर। जनपद के राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सीएचसी स्तर पर पिछले डेढ़ वर्ष से तैनात 55 आउटसोर्सिंग सुरक्षा गार्डों (महिला व पुरुष) के सामने अचानक बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है। सेवा विस्तार और समायोजन की मांग को लेकर पीडि़त कर्मचारियों ने प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी को ज्ञापन भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
पीडि़त कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 18 महीनों से पूरी निष्ठा के साथ स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में शासन के एक निर्देश का हवाला देते हुए उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया गया और उनके स्थान पर पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके चलते इन सभी 55 युवाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
परिवारों पर भुखमरी का साया
ज्ञापन में कर्मियों ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वे सभी स्थानीय बेरोजगार युवा हैं। अचानक नौकरी जाने से उनके परिवारों के सामने आर्थिक तंगी और भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। कर्मचारियों ने बताया कि वे इससे पहले जिलाधिकारी, सांसद, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं।
शासन से आख्या की प्रतीक्षा
पत्र के अनुसार, शासन स्तर पर इस मामले में सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए प्रधानाचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से आख्या मांगी गई है। कर्मचारियों ने मांग की है कि विभाग जल्द से जल्द उनके समायोजन संबंधी रिपोर्ट शासन को भेजे ताकि उनकी बहाली का मार्ग प्रशस्त हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
कर्मियों ने यह भी तर्क दिया है कि मेडिकल कॉलेज के विस्तार (हॉस्टल, एकेडमिक ब्लॉक, 300 बेड अस्पताल) के कारण वहां अधिक सुरक्षा गार्डों की आवश्यकता है। वर्तमान में पूर्व सैनिक कल्याण निगम द्वारा पर्याप्त संख्या में गार्ड उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, ऐसे में पुराने अनुभवी गार्डों को पुन: नियुक्त करना संस्थान और कर्मचारियों दोनों के हित में होगा।




