महरौनी के सोमवार पशु बाजार में गाय के सौदे को लेकर खूनी संघर्ष, दोनों पक्षों के 7 लोग घायल, पुलिस ने संभाला मोर्चा
महरौनी (ललितपुर)। महरौनी नगर पंचायत क्षेत्र में लगने वाले प्रसिद्ध सोमवार के पशु बाजार में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गाय के पुराने सौदे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और लाठी-डंडे चलने लगे। संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल सात लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, स्थिति पर नियंत्रण किया और सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले लगे सोमवार के पशु बाजार में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष से लगभग 35 हजार रुपये में एक गाय खरीदी थी। बताया जा रहा है कि उसी गाय को वापस करने को लेकर सोमवार को बाजार में दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। पहले दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुई मारपीट से बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पशु खरीदने-बेचने आए व्यापारी और ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए इधर-उधर भागने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक कई लोग घायल हो चुके थे।
मारपीट में एक पक्ष के सजल, भगत सिंह, रोशन और मानवेंद्र घायल हुए, जबकि दूसरे पक्ष के मनखुशी, कल्याण और मजबूत को भी चोटें आईं। बताया गया कि दोनों पक्ष तहसील महरौनी के ग्राम दिदौरा के निवासी हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कस्बा प्रभारी अभिषेक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को अलग किया और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और बाजार में शांति बहाल कराई गई।
पुलिस ने घटना की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा मारपीट के कारणों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर और जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद सोमवार को लगने वाले पशु बाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए बाजार में पर्याप्त पुलिस व्यवस्था रहनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




