नई दिल्ली: विवेक दशचौदरी निर्देशित फिल्म ‘टोस्टर’ ने हास्य रस को जीवंत बनाए रखने में सफलता पाई है, हालांकि लेखन कुछ हद तक औसत ही रहा। इस फिल्म ने डार्क कॉमेडी के क्षेत्र में एक सुरक्षित रास्ता अपनाते हुए दर्शकों का मनोरंजन किया।
राजकुमार राव ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है और उन्होंने अपने दमदार अभिनय से कहानी को मजबूती दी है। उनकी प्रस्तुति ने फिल्म की कमजोर पटकथा को भी सहारा प्रदान किया। फिल्म की कहानी सरल और पारंपरिक थी, जो किसी भी जोखिम से बचते हुए सुरक्षित अंदाज में थी।
निर्देशक विवेक दशचौदरी ने इस फिल्म के माध्यम से एक ऐसी कहानी पेश की है जो दर्शकों को हल्की-फुल्की हंसी प्रदान करती है, लेकिन कहीं न कहीं यह फिल्म फ्लैट भी पड़ जाती है। कुछ हिस्सों में हंसी मजाक के साथ-साथ समाज के गंभीर पहलुओं को छुआ गया है, जो दर्शकों के लिए सोचने पर मजबूर करता है।
फिल्म के अन्य कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाएं अच्छी तरह अदा की हैं। सिनेमाटोग्राफी और संगीत ने फिल्म के मूड को सही दिशा दी है। हालांकि, कहानी में नया या प्रभावशाली कुछ देखने को नहीं मिला, बावजूद इसके फिल्म हास्यप्रधान माहौल बनाये रखती है।
समग्र रूप से, ‘टोस्टर’ एक ऐसी फिल्म है जो बड़े पैमाने पर सुरक्षित दिशा में गई है और दर्शकों को कहीं ज्यादा सोचने पर मजबूर किए बिना मनोरंजन करती है। राजकुमार राव की मेहनती एक्टिंग और निर्देशक के कुशल निर्देशन के कारण यह फिल्म आसानी से देखी जा सकती है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो हल्की-फुल्की डार्क कॉमेडी का आनंद लेना चाहते हैं।




