जाखलौन स्टेशन पर रेल संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण कर देखीं तीसरी लाइन परियोजना की व्यवस्थाएं
वरिष्ठ भाजपा नेता ने रेलवे के अधिकारियों को ज्ञापन देकर धौर्रा स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की उठाई मांग
ललितपुर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी झाँसी–बीना तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत जाखलौन–धौर्रा रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) राज कुमार वानखेड़े एवं मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जाखलौन रेलवे स्टेशन परिसर, ओएफसी रूम, एएसएम रूम तथा रिले रूम का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने सुरक्षा मानकों, सिग्नलिंग सिस्टम और संचालन व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की, जिससे रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित व सुचारु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व प्रधान धौर्रा रामेश्वर प्रसाद मिश्रा ने ज्ञापन देते हुए उनके समक्ष यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव भी रखे गए। इनमें प्लेटफार्म नंबर 2 एवं 3 के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने, फुट ओवर ब्रिज को नए स्टेशन तक विस्तारित करने तथा तीनों प्लेटफार्मों पर सीढ़ियां बनाने की मांग प्रमुख रही। साथ ही, नई और पुरानी दोनों स्टेशन परिसरों में टिकट खिड़कियां स्थापित करने का सुझाव दिया गया।
रेल लाइन पर आवारा पशुओं की रोकथाम के लिए लोहे की फेंसिंग एवं बाउंड्री वॉल बनाए जाने के साथ तीन गेटों में से बंद किए गए दो गेटों को पुनः खोलने की मांग भी उठाई गई। इसके अतिरिक्त बीना–झांसी मेमो ट्रेन एवं साबरमती एक्सप्रेस के जाखलौन स्टेशन पर ठहराव की भी मांग रखी गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। यह निरीक्षण तीसरी लाइन परियोजना के तहत सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस दौरान रेलवे विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।




