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बद्रीनारायण अध्यक्ष एवं जिला मंत्री बने हरपाल सिंह

ललितपुर। बुढ़वार रोड स्थित एक शादी घर में भारतीय किसान संघ के जिला अधिवेशन में जिला कार्यकारणी गठित की गई। इस दौरान बद्रीनारायण कौशिक को जिलाध्यक्ष एवं हरपाल सिंह प्रजापति को मंत्री नियुक्त किया गया। संघ के कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को फूल मालाओं से लाद दिया।
प्रांत उपाध्यक्ष केहर सिंह बुंदेला की अध्यक्षता एवं प्रांत संगठन मंत्री कमलेश के मुख्य आतिथ्य में जिला अधिवेशन हुआ। वहीं, चुनाव अधिकारी शिवराज सिंह निरंजन प्रांत मंत्री ने चुनाव सम्पन्न कराया। जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला ने अपने तीन वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि गिनाई। चुनाव अधिकारी शिवराज सिंह निरंजन ने जिलाध्यक्ष का नाम प्रस्तावित करने को कहा तो जनमेजय सिंह ने बद्रीनारायण कौशिक को अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव किया और रामपाल सिंह बुंदेला और नवीन कुमार जैन ने समर्थन किया। इसके पश्चात सर्वसम्मति से बद्रीनारायण कौशिक को जिलाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की। वहीं, देशराज सिंह ने जिला मंत्री का प्रस्ताव हरपाल सिंह प्रजापति का रखा। इसका समर्थन रामप्रताप सिंह व हरिओम सिंह ने किया। इस पर सर्वसम्मति से जिला मंत्री हरपाल सिंह प्रजापति को बनाने की घोषणा की। सभी ने स्वागत फूलमाला पहनाकर कर किया। तत्पश्चात अध्यक्ष, मंत्री ने मिलकर नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की, इसमें जिला उपाध्यक्ष रामपाल सिंह बुंदेला व सोहन लाल विश्वकर्मा, सह जिला मंत्री रामप्रताप सिंह परमार व राम विलास कटारे, जिला कोषाध्यक्ष जन्मेजय सिंह लोधी, महिला प्रमुख रजनी अहिरवार,
युवा प्रमुख अजय पाल सिंह, जैविक प्रमुख हरिओम सिंह लोधी, प्रचार प्रमुख नवीन कुमार जैन, सदस्य गजेन्द्र सिंह बुंदेला एफईओ प्रमुख, रूप सिंह, रामकुमार नामक, लाल सिंह कुशवाहा, लक्ष्मी नारायण पटैरिया, वीरन यादव, हरपाल सिंह चौहान, धनीराम राजपूत आदि को कार्यकारिणी सदस्य बनाया। चुनाव से पूर्व ध्वजारोहण कर दीप प्रज्ज्वलित कर महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण किया। स्वाभिमान भारत के हाकिम सिंह ने भी मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री कमलेश ने कहा कि भारतीय किसान संघ का चुनाव तीन वर्ष में होते हैं, इसमें ग्राम समिति, विकास खंड समिति, जिला का चुनाव शामिल है। इसके बाद प्रांत, प्रदेश के अगले माह तक पूरे देश के सभी राज्यों में होने के बाद अखिल भारतीय कार्यकारिणी का चुनाव दिसंबर तक हो जाएंगे। भगवान बलराम भगवान श्रीकृष्ण से 11 माह 14 दिन बड़े थे। भगवान बलराम जी राजनीति में नहीं पड़ कर खेती करने का संदेश दिया। भारतीय किसान संघ भगवान बलराम जी को आदर्श मान कर गैर राजनीतिक रहकर 4 मार्च 1979 से कार्य कर रहा है। प्रांत मंत्री शिवराज सिंह निरंजन ने कहा कि भारतीय किसान संघ संगठन क्षमता के अनुसार संघर्ष कर किसानों की समस्याओं को हल कराता है और रचनात्मक कार्य भी करता है। भारतीय किसान संघ ने बड़े आन्दोलन भी किये। दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान संघ के एक लाख कार्यकर्ताओं ने रैली कर लाभकारी मूल्य की मांग की थी। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा था कि लाभकारी मूल्य देने की हालत नहीं है। भारतीय किसान संघ ने 2000 रुपये किसान सम्मान निधि देने की बात कही थी। राष्ट्रीय अधिवेशन में आगे की रणनीति बनेगी। इस बार 1 करोड़ अधिक सदस्य बनाए जाने की जानकारी मिली है। अधिवेशन में राम किशोर कौशिक, रघुवर सिंह, प्रियंका राजपूत, रजनी, कुसुम नामदेव, दीप्ति, रीना, नेहा, मिथलेश, लाड़ कुंवर, सविता, निशा, अर्चना, बर्षा, किरन, भीष्म प्रताप सिंह, अवधविहारी राजपूत, सुखनंदन सिंह, कृष्ण कांत कांकर, करन सिंह, महेंद्र सिंह, बरजोर सिंह, रामसिंह सोलंकी, परमानंद कुशवाहा, सूर्य प्रताप सिंह, प्रेम लाल, सतीश प्रजापति, गजेन्द्र सोलंकी, राजू राजपूत, विजय सिंह, राजीव तिवारी, राधा कांत गोस्वामी, भगवत प्रसाद रैकवार, गुलशन कुमार, गोविंद सिंह, विशाल सिंह, लव प्रताप सिंह बुंदेला, रंजीत अहिरवार, रमेशचंद्र कुशवाहा, कृपाल सिंह बुंदेला, फूल सिंह, राजा राम झां, नीरज सिंह , धनीराम, इमरत, अशोक, अवधेश बबेले, अजीत सिंह, काशी राम, राम दास, रामसेवक आदि किसान मौजूद रहे। अंत में आभार बद्रीनारायण कौशिक ने व्यक्त किया। संचालन सोहन लाल विश्वकर्मा व हरपाल प्रजापति ने संयुक्त रूप से किया।

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