गाजियाबाद

शेयर बाजार में तेजी: मिडिल ईस्ट संकट कम होने से निवेशकों के चेहरे खिले, जानिए मार्केट का हाल

मुंबई, महाराष्ट्र

मीडिल ईस्ट क्षेत्र से सकारात्मक खबरों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह तेजी देखने को मिली है। इस सप्ताह सेंसेक्स ने 943 अंक की जबरदस्त बढ़त दर्ज की जबकि निफ्टी में 302 अंकों की मजबूती आई। इस दौरान निवेशकों की कुल संपत्ति में 14.40 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है, जो बाजार में बढ़ती उम्मीदों को दर्शाता है।

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 703 अंक गिरकर 76,848 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, निफ्टी ने 208 अंक की बढ़त के साथ 23,842 पर कारोबार समाप्त किया। मंगलवार को अंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहा। बुधवार को सेंसेक्स में 1264 अंक की उछाल आई और वह 78,111 पर पहुंच गया। निफ्टी ने भी 389 अंक की बढ़त दर्ज करते हुए 24,231 अंक छू लिए।

गुरुवार को सेंसेक्स में 122 अंक की गिरावट आई, वहीं निफ्टी 35 अंक गिरकर 24,196 पर बंद हुआ। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सेंसेक्स ने 505 अंक की बढ़त दर्ज की और 78,500 के करीब पहुंच गया। निफ्टी ने भी मजबूत वापसी करते हुए 156 अंक बढ़ाकर 24,300 के पार कारोबार किया।

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी तथा इजराइल और लेबनान के बीच सीजफायर ने निवेशकों में विश्वास बढ़ाया है। हार्मुज स्ट्रेट पर तनाव के बावजूद वहां तेल आपूर्ति के जल्द पुनः शुरू होने की उम्मीद ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से भारतीय शेयर बाजारों को मजबूती मिली। बाजार इस धारणा पर स्थिर है कि सीजफायर स्थायी होगा, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें नियंत्रित रहेंगी जिससे भारत को राहत मिलेगी। इसके अलावा, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक के सकारात्मक नतीजे भी बाजार की तबीयत सुधारने में सहायक रहे।

कैसा रहेगा अगला हफ्ता

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर अगले सप्ताह हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने डील के फाइनल होने पर पाकिस्तान आने के संकेत भी दिए हैं। यदि ये वार्ता सफल रहती है तो वैश्विक बाजारों में तेजी का दौर शुरू हो सकता है। हार्मुज की कॉरिडोर से तेल की आपूर्ति फिर से शुरू होने पर विश्व के कई देशों को तेल संकट से राहत मिलेगी। हालांकि, मिडिल ईस्ट में पूर्ण शांति स्थापित होने तक अमेरिकी प्रतिबंध बने रहने की संभावना है जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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