गाजियाबाद

लेबनान पर इजराइली हमलों से उत्तेजित हुआ ईरान, अमेरिका को वार्ता रोकने की चेतावनी

बेरूत, लेबनान: ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को रोकने की चेतावनी दी है अगर इजरायल अपने सैन्य अभियान को दक्षिणी लेबनान में जारी रखता है। इस कदम को ईरानी सरकारी मीडिया ने युद्धविराम के बिना किसी भी समझौते को असंभव बताया है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई सैन्य घटनाओं ने तनाव को और तीव्र कर दिया है।

अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, उन्होंने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड स्टेशन और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए। ये हमले ईरान द्वारा अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराने के प्रतिशोध स्वरूप थे। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी हमले के लिए जिम्मेदार एयरबेस को निशाना बनाया, हालांकि उन्होंने उसकी सटीक जगह उजागर नहीं की।

इधर, इजरायली सेना ने लेबनान में गहरे सैन्य अभियान की शुरुआत की है, जिससे क्षेत्रीय संकट बढ़ गया है। इस आक्रामकता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई आलोचनाएं सामने आई हैं। अमेरिका-ईरान के दरमियान कूटनीतिक वार्ताओं पर भी इस खतरे के चलते गंभीर असर पड़ा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुपियो ने इस बीच लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की। संयुक्त बयान के अनुसार अमेरिका ने प्रस्ताव रखा है कि हिज्बुल्लाह अपनी ओर से सभी हमले बंद करे और बदले में इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाइयों का विस्तार न करे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान वास्तव में अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है, जो अमेरिका और उसके सहयोगियों के हित में होगा। वहीं उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक तनाव की वजह से वार्ताएं अब पहले से ज्यादा कठिन हो गई हैं।

इसी बीच, कुवैत ने भी अपने हवाई रक्षा तंत्र के जरिए कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को विफल कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों की रक्षा में लगे ड्रोन को मार गिराया गया है।

पश्चिम एशिया में इस बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन जमीन पर शत्रुता बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जो समग्र अस्थिरता को जन्म दे सकती है। इस जटिल स्थिति में सभी पक्षों से संयम और संवाद की अपील हो रही है।

Edited by : Sudhir Sharma

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