खेत में जलाई गई फसल अवशेष की आग ने लिया विकराल रूप, मकान, मोटरसाइकिल और भूसा जलकर राख
ललितपुर। जिले के नेहरू नगर क्षेत्र में रविवार को खेत में गेहूं की फसल के बचे हुए अवशेष जलाना एक किसान को भारी पड़ गया। खेत में लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और तेज हवा के चलते पास स्थित रिहायशी इलाके तक पहुंच गई। आग की चपेट में पड़ोसी का मकान, घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल और घर में रखा भूसा आ गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसान ने खेत साफ करने के उद्देश्य से गेहूं के बचे हुए डंठलों और पराली में आग लगाई थी। शुरुआत में आग सीमित क्षेत्र में थी, लेकिन अचानक हवा तेज चलने लगी, जिससे आग तेजी से फैल गई। कुछ ही देर में लपटें पड़ोसी के मकान तक पहुंच गईं। ग्रामीणों ने बाल्टियों और पाइप के जरिए आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती रही।
घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग को आसपास के अन्य घरों और खेतों तक फैलने से रोका।
इस घटना में मकान में रखा भूसा पूरी तरह जल गया, जबकि मोटरसाइकिल भी आग की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि पीड़ित परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फसल अवशेष जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जबकि प्रशासन द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। कृषि विभाग और प्रशासन किसानों को पराली और गेहूं के अवशेष न जलाने की लगातार अपील कर रहे हैं। इसके बावजूद कई किसान खेत जल्दी साफ करने के लिए आग का सहारा ले रहे हैं, जिससे ऐसे हादसे हो रहे हैं।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों के निस्तारण के लिए वैकल्पिक उपाय अपनाएं और आग लगाने से बचें, ताकि पर्यावरण प्रदूषण और आगजनी जैसी घटनाओं को रोका जा सके।




