कंबोडिया में प्रसिद्ध खतरनाक माइन खोजने वाली चूहे की मूर्ति का अनावरण
फनौम पेन्ह, कंबोडिया – कंबोडिया में एक महत्वपूर्ण इतिहासिक कार्यक्रम के तहत अफ्रीकी विशाल पॉउच्ड चूहे की एक मूर्ति का अनावरण किया गया है, जिसने अपने जीवनकाल में सौ से अधिक जमीनी विस्फोटकों को सूंघ कर खोज निकाला। यह चूहा, जो अब हमारे बीच नहीं है, ने माइनवायर जैसी तकनीकों की बजाय अपनी प्राकृतिक गंध क्षमता का उपयोग करते हुए हजारों जानें बचाईं।
कंबोडिया में अभी भी अनेक क्षेत्र ऐसे हैं जहां खतरनाक लैंडमाइंस मौजूद हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए इस विशाल चूहे की भूमिका अतुलनीय मानी जाती है क्योंकि उसने विस्फोटकों की पहचान कर जीवनरक्षा में अहम योगदान दिया।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि यह मूर्ति न केवल उस महान चूहे को श्रद्धांजलि है, बल्कि यह यह भी संदेश देती है कि विज्ञान और प्रकृति के सम्मिलित प्रयास से मानव जीवन बेहतर हो सकता है। मूर्ति का अनावरण समारोह एक भावुक अवसर था, जिसमें कई देशवासियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्राकृतिक जीव विज्ञान के विशेषज्ञों का कहना है कि अफ्रीकी विशाल पॉउच्ड चूहा अपनी सूंघने की क्षमता के कारण विस्फोटक पदार्थों को जल्दी और प्रभावी ढंग से खोज सकता है। इसका प्रशिक्षण वर्षों लेता है, परन्तु यह कई देशों में व्यापक रूप से उपयोग में लाया गया है, खासकर जमीनी खतरनाक वस्तुओं की पहचान में।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि इस तरह के प्रयासों से न केवल स्थानीय समुदाय सुरक्षित होते हैं, बल्कि यह विस्फोटकों को निष्क्रिय कर पर्यावरण की रक्षा भी करता है। कंबोडिया सरकार ने मूर्ति की स्थापना को इस दिशा में एक प्रेरणा का प्रतीक बताया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह अफ्रीकी चूहा मृत्यू के बाद भी लोगों के दिलों में जीवित है, और उसका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई जानवरों को सम्मानित करने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं जो मानवता की सेवा में लगे हैं।
कंबोडिया में लैंडमाइन समस्या को समाप्त करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से काम चल रहा है। यह मूर्ति उन सभी प्रयासों का प्रतीक है जो जानवरों और मनुष्यों के बीच सहयोग की मिसाल प्रस्तुत करते हैं।




