उप्र मदरसा बोर्ड रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, 29 हजार से ज्यादा छात्राएं हुईं उत्तीर्ण
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में इस बार मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा परिणामों में लड़कियों ने खास प्रदर्शन किया है। वर्ष 2026 की आलिम और मुंशी/मौलवी परीक्षाओं में 29 हजार से अधिक छात्राएं सफल हुईं, जिनका सफलता प्रतिशत 94.30% दर्ज किया गया है। यह प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और योगी आदित्यनाथ सरकार की सुधार योजनाओं की सफलता को दर्शाता है।
मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल 55,788 छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं, जिनमें छात्राओं की संख्या 29,229 है। सेकेंडरी परीक्षा में 21,407 छात्राओं ने सफलता पाई, जबकि सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में 7,822 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं। सेकेंडरी परीक्षा में छात्राओं का सफलता प्रतिशत 91.46 जबकि सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में 90.88% रहा।
सीनियर सेकेंडरी परीक्षा में छात्राओं का दबदबा
सबसे विशेष यह रहा कि तीनों टॉप रैंक सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा में छात्राओं के नाम रहे। वाराणसी के मदरसा दैरातुल इस्लाह चिराग-ए-उलूम की जुमी फरीन ने 82.60% अंक लेकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। वहीं उनकी सहपाठी शाइस्ता परवीन ने 82.40% अंक लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। अमरोहा के मदरसा अलिया जफरिया की उम्मुल खैर ने भी 82.40% अंक लेकर तीसरा स्थान पाकर प्रदेश में अपनी पहचान बनाई।
इसके अलावा वाराणसी की जैनबी हनिया (82%), फर्रुखाबाद की रेशमा (81.20%) जैसे छात्राओं ने टॉप 10 स्थानों में जगह बनाकर जिले का नाम रोशन किया है।
गोरखपुर, कुशीनगर और लखनऊ की छात्राओं का बेहतरीन प्रदर्शन
सेकेंडरी परीक्षा में भी छात्राओं ने उत्तम प्रदर्शन किया। गोरखपुर के जामिया रिज्विया अहले सुन्नत की शाइमा परवीन ने 89.33% अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। कुशीनगर की सिद्दीका खातून (88.50%) और रुखसार बानो (88.17%) ने भी ऊंचे अंक हासिल किए। इसी तरह लखनऊ की सानिया ने 87.83% अंक लेकर दसवां स्थान बनाया, जिससे प्रदेश की बेटियों का उत्साह और व्यापक हुआ है।
सरकार का शिक्षा क्षेत्र में सुधार जारी
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि योगी सरकार मदरसा शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों को प्राथमिकता देने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि मदरसों में आधुनिक और समसमयीन शिक्षा प्रणाली अपनाई जा रही है ताकि मुस्लिम समाज के बच्चे आगे बढ़ सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक छात्रा को बेहतर अवसर उपलब्ध हो सके ताकि वे समाज के मुख्यधारा में बराबरी से भाग लें। इस वर्ष के परिणाम इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सरकार के उपाय कारगर साबित हो रहे हैं।
इस तरह, उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की हालिया परीक्षा में बेटियों ने न केवल बेहतर अंक प्राप्त कर बल्कि टॉप रैंकिंग में भी अपना दबदबा कायम कर प्रदेश तथा देश में खुशहाली और शिक्षित महिलाओं की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की छात्राएं भी इस दौड़ में आगे आईं हैं जो शिक्षा के महत्व को दर्शाता है।
Edited By : Chetan Gour




