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धूमधाम से मनाया गया भगवान परशुराम का जन्मोत्सव 

 

सुंदरकांड पाठ सहित किए गए धार्मिक आयोजन

 

मड़ावरा ललितपुर : कस्बा मड़ावरा के प्राचीन श्री शाला जी मंदिर पर विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री परशुराम का जन्मोत्सव मनाया गया है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। प्रातः काल से संगीतमय श्री रामचरित मानस के सुंदरकांड पाठ का शुभारंभ किया गया है। सुंदरकांड समापन के उपरांत विधिवत मंत्रोच्चार के साथ भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव मनाया गया एवं प्रसाद वितरण किया गया है।

 

मंदिर पुजारी पं रामबाबू तिवारी गुडडू महाराज ने भगवान परशुराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन परंपरा में वैशाख मास के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार उन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जो कि पृथ्वी पर अन्याय और अधर्म का नाश करने के लिए त्रेतायुग में अवतरित हुए थे. ज्ञान, तप और शक्ति के प्रतीक माने जाने वाले भगवान परशुराम अष्टचिरंजीवी में से एक हैं और हर युग में पृथ्वी पर मौजूद रहते हैं ।

 

पं कैलाश नारायण तिवारी ने बताया कि भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। उनके पिता जमदग्नि और माता रेणुका थीं। उनके चार बड़े भाई भी थे। परशुराम चार भाइयों रुक्मवान, सुषेण, वसु और विश्वावसु के बाद थे। वह अत्यंत क्रोधी स्वभाव के थे। परशुराम का असली नाम राम था। भगवान शिव ने उन्हें शस्त्र की विद्या दी थी। लेकिन जब उन्हें भगवान शिव से परशु (फरसा) मिला और उन्होंने उसे धारण किया, तब से वे परशुराम कहलाए।

 

इस मौके पर पं प्रभुदयाल तिवारी, पं कैलाश नारायण तिवारी, पं रामबाबू तिवारी गुडडू महाराज, पं लखन तिवारी चौमऊ, पं अखलेश बशिष्ठ, पं उमानंद पाठक, पं गौरीशंकर तिवारी, पं रामजी तिवारी, पं रिंकू रावत, पं शिवशंकर तिवारी, पं मयंक पाण्डेय साढूमल, पं लखन तिवारी, पं दीपक रावत, पं कृष्णकांत तिवारी, पं मोनू पाठक, पं राजकुमार बुधौलिया चौमऊ, सहित सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्म प्रेमी बंधु लक्ष्मीनारायण सोनी, प्यारेलाल यादव , मिथलेश वागवान, भजनलाल, जयराम झा, जमना प्रसाद सेन, वीडी सेन, पन्ना लाल साहू, निहाल सिंह, रवि प्रजापति, हरपाल सिंह, मनु रजक, आदि मौजूद रहे हैं ।

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