कड़े संघर्षो के बाद आकांक्षा का उपनिरीक्षक पद पर हुआ चयन
कई बार असफलता मिलने के बाद भी नहीं मानी हार
मुश्किल हालात और बार-बार मिली असफलताओं के बावजूद हौसला कायम रखा तो आखिरकार सफलता ने कदम चूम लिए। बार कस्बे के मजरा मोतीखेरा निवासी आकांक्षा यादव का उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (एसआई) पद पर अंतिम चयन हुआ है। उन्हें नियुक्ति पत्र भी मिल गया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोग उन्हें बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।आकांक्षा के भाई सौरभ ने बताया कि उनके पिता हरदेव सिंह पेशे से सहायक अध्यापक थे वर्ष 2017 में हाईस्कूल की परीक्षा से चंद दिन पहले पिता को ब्रेन हेमरेज हो गया। इलाज के दौरान ग्वालियर के बिरला हॉस्पिटल में उनका निधन हो गया। उस समय आकांक्षा हाईस्कूल की छात्रा थीं। परिवार में मां और दादा हैं। आकांक्षा से दो बड़ी बहनों और एक भाई सौरभ में सबसे छोटी हैं। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी भाई सौरभ ने संभाली। उन्होंने दोनों बहनों की शादी कराई और छोटी बहन की पढ़ाई जारी रखने के लिए हर संभव प्रयास किया। सौरभ ने बताया कि आकांक्षा को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की।आकांक्षा ने कक्षा एक से पांच तक गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय मोतीखेरा और कक्षा छह से आठ तक गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में में पढ़ाई की। वर्ष 2017 में राजकीय इंटर कॉलेज बार से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की। इंटरमीडिएट में जीव विज्ञान विषय उपलब्ध नहीं होने के कारण वह टीकमगढ़ चली गईं।
नौकरी पाने का सफर भी आसान नहीं रहा। और घर मोतीखेरा बापिस आकर अध्यन कार्य जारी रखा आकांक्षा का चयन दिल्ली पुलिस, मध्य प्रदेश पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और जीडी में हुआ, लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा और दौड़ में सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी करती रहीं। हाल ही में यूपी पुलिस की 32 हजार पदों वाली भर्ती और रेलवे ग्रुप डी में भी उनका चयन हुआ। अब उपनिरीक्षक पद पर अंतिम चयन और नियुक्ति पत्र मिलने से उनका पुलिस अधिकारी बनने का सपना पूरा हो गया है।




