पाली नगर पंचायत के विकास कार्यों में बाधा, महिला मजदूरों ने लगाया जातिसूचक गाली-गलौज व मारपीट का आरोप
पाली। नगर पंचायत पाली में चल रहे विकास कार्यों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र के नदवानी बगीचा से गांधी चौक तक कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर महिला मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि कुछ लोगों द्वारा लगातार निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है तथा मजदूरी कर रही महिलाओं के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज और मारपीट तक की जा रही है। मामले से आहत महिलाओं ने पाली थाना पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
बताया जा रहा है कि नगर पंचायत पाली द्वारा क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नदवानी बगीचा से गांधी चौक तक नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य बीते कुछ दिनों से प्रगति पर है, लेकिन आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा बार-बार मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को रुकवाया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
निर्माण कार्य में लगी महिला मजदूरों ने आरोप लगाते हुए बताया कि वे रोजाना मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं, लेकिन कार्य स्थल पर कुछ लोगों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। महिलाओं का कहना है कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया, गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर मारपीट भी की गई। घटना से डरी-सहमी महिलाएं रोते हुए पाली थाना पहुंचीं और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया।
महिला मजदूरों ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाएं जारी रहीं तो मजदूरी करना मुश्किल हो जाएगा और उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। महिलाओं ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा बिना बाधा निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग भी की है।
वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्य जनहित से जुड़े हैं और इन्हें किसी भी प्रकार की रुकावट के बिना पूरा कराया जाना चाहिए। हालांकि, मामले के दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल पाली थाना पुलिस ने महिला मजदूरों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद तथ्य सामने आने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




