पुलिस अधिकारी बनकर न्यूड वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़
जखौरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। बदनामी और जेल भेजने का भय दिखाकर गिरोह लोगों से रुपये वसूलता था। साइबर सेल की जांच में इस गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा होने के बाद जखौरा पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि गिरोह के कथित मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार प्रतिबिंब पोर्टल पर दर्ज साइबर ठगी की शिकायत के आधार पर जखौरा साइबर सेल ने जांच शुरू की। साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक विवेक धामा ने पीडि़त से संपर्क किया तो उसने बताया कि कुछ लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए फोन किया और कहा कि उनके पास उसका अश्लील वीडियो है। ठगों ने वीडियो वायरल करने और जेल भेजने की धमकी देकर तत्काल रुपये जमा कराने का दबाव बनाया। डर और बदनामी के भय से पीडि़त ने उनके बताए खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। जांच के दौरान साइबर सेल ने ठगी में प्रयुक्त मोबाइल नंबर की तकनीकी पड़ताल की। यह सिम कार्ड सुरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम घिसौली, थाना जखौरा के नाम पर पंजीकृत मिला, जबकि उसका इस्तेमाल उसका चचेरा भाई रितिक लोधी कर रहा था। पुलिस पूछताछ में रितिक लोधी ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि 8 अप्रैल 2026 को जखौरा बस स्टैंड पर उसकी मुलाकात दो व्यक्तियों से हुई थी, जिन्होंने अपने नाम अनिकेत और भोले बताए तथा खुद को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के लखैपुर गांव का निवासी बताया। दोनों ने रितिक को बैंक खाते का इस्तेमाल कराने के बदले प्रति ट्रांजैक्शन एक हजार रुपये कमीशन देने का लालच दिया। इसके बाद उसके बैंक खाते में आने वाली रकम को नकद निकालकर उन्हें सौंपा जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने रितिक के मोबाइल का व्हाट्सएप अपने डिवाइस में लॉगिन कर रखा था, जिससे वे उसके नंबर का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार रितिक ने जखौरा बस स्टैंड स्थित एक सीएससी सेंटर संचालक के माध्यम से लगभग 30 हजार रुपये भी निकलवाकर आरोपियों तक पहुंचाए थे। साइबर सेल ने जांच के दौरान सिम कार्ड धारक सुरेंद्र सिंह और रितिक लोधी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर दोनों की संलिप्तता की पुष्टि की। इसके बाद साइबर सेल प्रभारी विवेक धामा की तहरीर पर जखौरा थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 49 तथा 317 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।




