रजिस्ट्री न होने को लेकर तहसील परिसर में दो पक्षों में जमकर विवाद, पुलिस के सामने चलीं लाठियां
तहसील स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने महिलाओं और पुरुषों में मारपीट, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कराया मामला शांत
महरौनी तहसील परिसर में रजिस्ट्री न होने को लेकर पिछले करीब 6-7 महीनों से चले आ रहे विवाद ने सोमवार को एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी-डंडों और चप्पलों से मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों ने भी एक-दूसरे पर हमला किया।
जानकारी के अनुसार, खरीददार पक्ष पटेल ग्राम गदोरा का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि जमीन बेचने वाले पक्ष से रघुवर कुशवाहा निवासी गुढ़ा खिरिया बताए गए हैं। रघुवर कुशवाहा के तीन बेटे भोले, जगदीश और देशराज हैं। बताया गया है कि रघुवर कुशवाहा वर्तमान में अपने छोटे बेटे देशराज के साथ रहते हैं।
बताया जा रहा है कि रजिस्ट्री न होने को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले करीब **6-7 महीने से विवाद चला आ रहा है**। करीब एक माह पहले भी दोनों पक्षों के बीच इसी तरह मारपीट का मामला सामने आया था। सोमवार को एक बार फिर रजिस्ट्रार कार्यालय के सामने दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ने पर लाठी-डंडों व चप्पलों से मारपीट शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर पुलिस मौजूद होने के बावजूद दोनों पक्ष कुछ समय तक एक-दूसरे से मारपीट करते रहे। घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही **कोतवाली प्रभारी राजा दिनेश सिंह** ने उप निरीक्षक **अरविंद सिंह**, कांस्टेबल **धर्वेंद्र पांडे** सहित पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस टीम ने पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को शांत कराया। पुलिस द्वारा मारपीट करने वाले कुछ लोगों को कोतवाली ले जाया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे रजिस्ट्री विवाद को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है, यह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा।




