फर्जी परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कर पैतृक संपत्ति हड़पने का आरोप
महिला समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, मारपीट व धमकी का मुकदमा
सीजेएम के आदेश पर महरौनी पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
ललितपुर। थाना महरौनी क्षेत्र के ग्राम छिल्ला में पैतृक संपत्ति पर कब्जे के लिए कथित तौर पर फर्जी परिवार रजिस्टर तैयार कर सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला और उसके पति ने ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिव तथा रोजगार सेवक के साथ कथित सांठगांठ कर परिवार रजिस्टर में महिला का नाम मृत व्यक्ति की पुत्री के रूप में दर्ज करा दिया। विरोध करने पर खेत पर महिला से गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर महरौनी पुलिस ने महिला समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले में ग्राम छिल्ला निवासी श्रीमती धन्याकुमारी पुत्री स्वर्गीय जनकिया, उम्र करीब 43 वर्ष ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके चाचा रमला उर्फ रामला की मृत्यु 3 फरवरी 2019 को हो चुकी है। वह निसंतान थे। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अपने चाचा की सगी भतीजी हैं और उनकी इकलौती कानूनी वारिस हैं। मृतक रमला ने वर्ष 2016 में अपनी कुछ भूमि का बैनामा श्रीमती रामसखी के पक्ष में किया था। आरोप है कि इसके बाद रामसखी और उनके पति लालाराम ने ग्राम पंचायत छिल्ला के तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (सचिव) तथा रोजगार सेवक अंसार खां के साथ कथित रूप से मिलकर परिवार रजिस्टर में हेरफेर कराई। आरोप है कि सरकारी परिवार रजिस्टर में रामसखी का नाम मृतक रमला की पुत्री के रूप में दर्ज कर दिया गया, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि रामसखी रमला की पुत्री नहीं हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कथित फर्जी प्रविष्टि के माध्यम से आरोपियों द्वारा पैतृक संपत्ति पर अपना अधिकार जताने का प्रयास किया गया। 3 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे धन्याकुमारी अपनी आराजी संख्या 377 में बुआई करा रही थीं। इसी दौरान आरोप है कि रामसखी और लालाराम वहां पहुंच गए और विवाद करने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर दोनों ने उसके साथ गाली-गलौज की तथा कथित फर्जी परिवार रजिस्टर की प्रति दिखाते हुए धमकी दी कि जो कर सको कर लो। शिकायत में मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे अर्जुन पुत्र बाबू और लालसिंह पुत्र गिरवल ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद उसने पुलिस एवं उच्चाधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, ललितपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र में धारा 173(4) बीएनएसएस के तहत पुलिस से मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की गई। मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए थाना महरौनी के थानाध्यक्ष को सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना करने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में थाना महरौनी पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 352, 351(3), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। एफआईआर में नामजद आरोपियों में श्रीमती रामसखी पत्नी लालाराम, लालाराम पुत्र चाऊं निवासीगण ग्राम रमेशरा, हाल निवासी ग्राम छिल्ला, रोजगार सेवक अंसार खां, ग्राम पंचायत छिल्ला तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (सचिव), ग्राम पंचायत छिल्ला, विकासखंड बिरधा शामिल हैं।



