नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों पर फूटा गुस्सा
पार्षदों ने जोरदार नारेबाजी कर किया धरना-प्रदर्शन
ललितपुर। नगर पालिका परिषद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को डेढ़ दर्जन से अधिक पार्षदों ने एकजुट होकर घंटाघर प्रांगण स्थित नगर पालिका परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पार्षदों ने आरोप लगाया कि पिछले छह महीनों से नगर पालिका में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है और बिना पारदर्शिता के कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधितों पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने बताया कि शहर में तहबाजारी, पार्किंग और सफाई व्यवस्था के नाम पर खुलेआम लाखों रुपये की वसूली कर बंदरबांट किया जा रहा है। वहीं आरोप लगाया कि सुम्मेरा तालाब में करोड़ों रुपये के टेंडर पास होने और भुगतान शुरू होने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्य नहीं दिखाई दे रहा है। सुपर सीट में विकास कार्यों को लेकर सबसे गंभीर आरोप लगाए गए, जिसमें आरोप है कि करोड़ों रुपयों के कार्य केवल कागजों में दर्शाकर भुगतान कर दिए जाने की बात कही गई। पार्षदों का कहना है कि जहां कुछ कार्य हुए भी हैं, वह बेहद निम्न गुणवत्ता के हैं। इसके अलावा नगर पालिका के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों पर अराजक तत्वों के साथ मिलकर वाहन चालकों और किसानों से जबरन वसूली कराने तथा दबाव बनाकर उत्पीडऩ करने के भी आरोप लगाए गए। पार्षदों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही जांच कराकर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान पार्षदों में एड. मनमोहन चौबे, जगदीश यादव, दीपा विनोद कुशवाहा, कीर्ति अमित नायक, पूजा आनंद भूरे, रामकिंकर पटैरिया, गिरीश पाठक सोनू, फरजाना बानो, सोन सिंह, जानकी प्रसाद, अब्दुल बारी, धर्मवीर कुशवाहा, कुन्दन पाल, मिथलेश करन कुशवाहा, शिवानी अमित कुशवाहा, अफजुल रहमान, उदय प्रताप, मुस्तफा खान आदि मौजूद रहे।




