ग्रामसभा की 200 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की शिकायत, भूमिहीन परिवारों को पट्टा दिलाने की उठाई मांग
ललितपुर। तहसील महरौनी के ग्राम डोंगरखुर्द में ग्रामसभा की करीब 200 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कर अवैध कब्जा हटाने तथा पात्र भूमिहीन परिवारों को भूमि आवंटित किए जाने की मांग की। ग्रामीणों द्वारा दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव के एक व्यक्ति ने दबंगई और प्रभाव के बल पर ग्रामसभा की सरकारी भूमि पर लंबे समय से कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि ग्राम समाज और गौशाला की संपत्ति है, लेकिन कब्जे के कारण उसका उपयोग सार्वजनिक हित और ग्राम पंचायत की योजनाओं के लिए नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यदि भूमि को कब्जामुक्त कराया जाता है तो ग्राम पंचायत की बैठक आयोजित कर पट्टा पात्रता श्रेणी में आने वाले गरीब, भूमिहीन, अनुसूचित जाति एवं अन्य जरूरतमंद परिवारों को भूमि का आवंटन किया जा सकता है। इससे अनेक परिवारों को आजीविका का स्थायी साधन उपलब्ध हो सकेगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनके पास खेती योग्य भूमि नहीं है और वे लंबे समय से सरकारी भूमि पर पट्टा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बने रहने से पात्र लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करवाने तथा यदि अवैध कब्जा पाया जाए तो तत्काल कब्जा हटाकर भूमि को ग्राम पंचायत के नियंत्रण में दिलाने की मांग की है। साथ ही दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का भी अनुरोध किया है। शिकायत सौंपने के दौरान ग्राम प्रधान सेनापति सहित कड़ेरी, भगवानदास, रामदयाल, दौलत, नीतेश, किरण, नीरज, सुनील, मुन्ना, घसीटे, छोटेलाल, राशिद, शनि, दरयाब, सुक्कन, कृपाल, शेरसिंह, रामकुमार, अशोक, रामकिशन, संतोष, रामपाल, भरत, रामचरन, दयाराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




