बाल विवाह रोकथाम के लिए प्रशासन हुआ सशक्त: अक्षय तृतीया पर तहसील कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित, प्रभारी तैनात
अराई, राजस्थान
अक्शय तृतीया और पीपल पूनम जैसे पारंपरिक त्योहारों के दौरान बाल विवाह की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अराई प्रशासन ने व्यापक सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। इन अवसरों पर सामान्यतः बड़े पैमाने पर विवाह समारोह आयोजित होते हैं, जिनमें बाल विवाह की आशंका लंबे समय से बनी हुई है। इसे रोकने के लिए तहसील कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिससे इन परंपरागत त्योहारों के दौरान बाल विवाह रोकथाम ज्यादा प्रभावी ढंग से की जा सके।
उपखंड अधिकारी नीतू मीणा ने बताया कि अक्षय तृतीया और पीपल पूनम अबूझ सावे जैसे परंपरागत और धार्मिक त्योहारों को देखते हुए बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर सख्त रोक लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है। उन्होंने कहा, “हमने तहसील कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है, जो बाल विवाह की घटनाओं पर विशेष नजर रखेगा। इस कंट्रोल रूम का प्रभारी ऑफिस कानूनगो राकेश कुमार को नियुक्त किया गया है। मामला सामने आने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
एसडीएम नीतू मीणा ने आम जनता से अपील की है कि वे यदि कहीं बाल विवाह का प्रयास या आयोजन देखते हैं तो तत्काल कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दें। उन्होने कहा, “हमारे पास आपकी सूचना ही सबसे बड़ी ताकत है। बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।” साथ ही तहसीलदार प्रेम सुख वैष्णव और थानाधिकारी रोशन सामरिया ने भी लोगों से इस कुप्रथा को हर हाल में रद्द करने और उसकी सूचना प्रशासन को देने का आग्रह किया है।
प्रशासन ने कर्मचारियों तथा सभी संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यदि कोई बाल विवाह संपन्न करवाता या करवाने का प्रयास करता है तो उस पर राजस्थान प्रांतीय बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
इस पहल के माध्यम से अराई प्रशासन बाल विवाह पर अंकुश लगाने और सामाजिक चेतना बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि स्थानीय समाज के सहयोग से ही बाल विवाह जैसी विध्वंसक कुरीतियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। अतः वे सभी नागरिकों से भी सहयोग की उम्मीद करते हैं ताकि बच्चे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्राप्त कर सकें।



