नोएडा

योगी सरकार की बिजली व्यवस्था बनी देश में मिसाल, कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा

लखनऊ, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की है। लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली की मांग के बावजूद प्रदेश में बिजली आपूर्ति नियंत्रित और पर्याप्त बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया गया है। तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में बेहतर डिमांड के अनुसार बिजली सप्लाई उपलब्ध हो रही है, जिससे प्रदेश के लोग राहत महसूस कर रहे हैं।

प्रदेश में जून के शुरुआत के दिनों में बिजली की डिमांड और आपूर्ति के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने अपने कार्यबल को कुशलता से संचालित किया है। 2 जून की रात को रात 12:21 बजे 28,770 मेगावाट की बिजली आपूर्ति की गई, जो क्षेत्रीय बिजली उत्पादन और वितरण में एक बड़ी उपलब्धि है। इसी तरह 3 जून की सुबह भी 23,459 से लेकर दोपहर 12 बजे 25,076 मेगावाट तक बिजली उपलब्ध कराई गई। ये आंकड़े स्पष्ट इंगित करते हैं कि प्रदेश बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति को प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर रहा है।

विशेष रूप से तुलनात्मक आंकड़ों की बात करें तो 2 जून को उत्तर प्रदेश में 27,976 मेगावाट बिजली सप्लाई की गई, जबकि तमिलनाडु में यह मात्र 19,198 मेगावाट, कर्नाटक में 13,848 मेगावाट और आंध्र प्रदेश में 13,018 मेगावाट दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि योगी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूती दी है और अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश की स्थिति बेहतर बनी हुई है।

बढ़ती गर्मी और विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग के बीच प्रदेश की बिजली व्यवस्था स्थिर बनी हुई है। इससे किसानों, व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों को भी काफी राहत मिली है। हालांकि पिछले दिनों कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान और बारिश के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई, लेकिन बिजली विभाग ने तेजी से काम करते हुए अधिकांश प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल कर दी है। मऊ, गाजीपुर और सोनभद्र के कुछ हिस्सों में मरम्मत का कार्य अभी चल रहा है।

विभागीय टीमों ने विशेष सतर्कता बरतते हुए बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहाँ भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो, उसकी जानकारी तत्काल मीडिया और उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने रात्रि में बिजली लोड बढ़ने वाले क्षेत्रों के लिए भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तकनीकी बाधा को शीघ्र दूर किया जा सके। 1912 हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।

यूपीपीसीएल के निदेशक (वितरण) ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि पावर कारपोरेशन उपभोक्ताओं को निरंतर गुणवत्ता पूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सतत कार्यरत है। चाहे आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्र हों या बढ़ती डिमांड वाले इलाके, विभाग की टीमों ने निरंतर मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य शुरू रखा है। उनका प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता को समय पर तथा सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिले।

इस प्रकार, योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था न केवल मजबूत हुई है, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। यह प्रदेश की औद्योगिक, कृषि और घरेलू जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने में मददगार साबित हो रहा है।

लेखक: वृहजेंद्र सिंह झलः

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