12 घंटे बाद सक्रिय होगा एक और पश्चिमी विक्षोभ, मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी प्री-मानसून की गतिविधियां खतरनाक
बांदा, उत्तर प्रदेश। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आगामी चार और पांच मई को प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही, धूल भरी आंधी चलने की संभावना भी बनी हुई है, जो इलाके में मौसम को और भी अस्थिर कर देगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉक्टर एसएन सुनील पांडे ने बताया कि मौजूदा प्री-मानसून की गतिविधियां गर्मी से राहत तो देती हैं, लेकिन इनके कारण उत्पन्न होने वाली आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। बांदा में पिछले दिनों तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे लोगों को अत्यधिक गर्मी से जूझना पड़ा था। अब प्री-मानसून की सक्रियता के चलते यह स्थिति कुछ हद तक बेहतर हुई है।
डॉक्टर पांडे ने आगे कहा कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहकर जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे तेज हवा और आंधी के दौरान बाहर निकलने से बचें और जरूरी सामग्री का खास ध्यान रखें।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चार और पांच मई को उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके साथ ही, कहीं-कहीं तीव्र बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति भी बन सकती है। वहीं, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे किसानों को सतर्क रहना जरूरी होगा।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने भी जनता को सूचित करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की अपडेट्स को नियमित रूप से देखें और आवश्यक सावधानियां बरतें। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे किसानों को अपने खेतों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की हिदायत दी गई है।
प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए समय रहते सूचना देना और जागरूकता फैलाना आवश्यक है। इस बार के प्री-मानसून की गतिविधियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसमी पैटर्न में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आम जनता को ऐसी घटनाओं के प्रति सजग रहना होगा और सरकार को भी बेहतर ढंग से तैयारियां करनी होंगी।
अंतत: यह कहा जा सकता है कि 12 घंटे के अंदर सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ क्षेत्र में मौसम को पर्याप्त रूप से प्रभावित करेगा। तेज हवाओं, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण आम जीवन पर असर पड़ सकता है। अतः सभी संबंधित एजेंसियों और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा और सतर्कता अपनाने का अनुरोध किया गया है।




