अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- धीरेंद्र शास्त्री को देश का भविष्य बताने की जिम्मेदारी मिले, CM योगी पर साधा निशाना, ‘कॉकरोच पार्टी’ पर भी टिप्पणी
झांसी, उत्तर प्रदेश। राज्य में आई धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों के बीच, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में झांसी दौरे के दौरान महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। इस मौके पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री तथा इंटरनेट पर चर्चित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विषय में अपने विचार व्यक्त किए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सबसे पहले गोवंश की रक्षा के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और धर्म की एक अनमोल धरोहर है, जिसकी सुरक्षा सभी नागरिकों की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें पशु सुरक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता को बढ़ाना होगा और इसका दुरुपयोग नहीं होने देना चाहिए।
इस दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी खासा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और सांस्कृतिक एकता के लिए प्रभावशाली नेतृत्व की आवश्यकता है, जिसके लिए जिम्मेदारी लेने वाले नेताओं को अपने कर्तव्यों का उचित निर्वहन करना चाहिए। स्वामी ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों पर संतुलित निर्णय लेना चाहिए जिससे सभी वर्गों का सम्मान बना रहे।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जो कि बागेश्वर धाम के प्रमुख पुजारी हैं, उनका उल्लेख करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि इन जैसे धार्मिक सेनानियों को युवाओं को सही दिशा दिखाने के लिए देश का भविष्य बताने की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। उनके माध्यम से समाज में आध्यात्मिकता और नैतिकता का प्रचार होना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, स्वामी ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विषय में भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के ट्रेंड सामाजिक एकता को कमजोर करने वाले हैं और युवाओं में भ्रम उत्पन्न करते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित सामग्री की सत्यता और प्रभाव को समझ कर ही प्रतिक्रिया दें, ताकि समाज में गलतफहमी और झगड़े न हों।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ये बयान वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक माहौल में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उनके विचारों से यह स्पष्ट होता है कि धार्मिक नेता अब केवल आध्यात्मिक मसलों तक सीमित नहीं रह गए, बल्कि समाज के विविध आयामों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी ये टिप्पणियां आगामी समय में राजनीतिक चर्चाओं को प्रभावित कर सकती हैं।
यह दौरा और उनके बयान झांसी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वामी जैसे संतों की हिन्दू समाज में बढ़ती भूमिका से राजनीतिक पार्टियां भी नई रणनीतियां बना सकती हैं। वहीं आम जनता भी उनके निर्देश और विचारों को गंभीरता से ले रही है।




