रिश्वत के आरोप से तंग आदिवासी युवक चढ़ा मोबाइल टावर पर, बोला— ₹5 हजार लिए, फिर भी नहीं हुआ काम!
टीकमगढ़। जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम मिनोरा में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी समस्या का समाधान नहीं होने से परेशान एक आदिवासी युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने गांव के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर रिश्वत लेने के बावजूद काम नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। काफी देर तक समझाइश के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम मिनोरा निवासी हरिकिशन आदिवासी की हाल ही में शादी हुई है। उसने अपनी पत्नी का नाम समग्र आईडी में जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों के कई चक्कर लगाए। युवक का आरोप है कि काम कराने के नाम पर सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने उससे ₹5 हजार लिए, लेकिन इसके बावजूद उसकी पत्नी का नाम समग्र आईडी में नहीं जोड़ा गया।
हरिकिशन का कहना है कि वह बार-बार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क करता रहा, लेकिन हर बार उसे केवल आश्वासन देकर टाल दिया गया। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उसकी बात भी अनसुनी कर दी गई। लगातार हो रही अनदेखी और मानसिक परेशानी से तंग आकर उसने विरोध का अनोखा रास्ता अपनाते हुए गांव के मोबाइल टावर पर चढ़ने का फैसला कर लिया।
युवक के टावर पर चढ़ते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा। युवक का कहना था कि जब तक उसके आरोपों की जांच और न्याय का भरोसा नहीं दिया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक से बातचीत कर उसकी समस्या सुनी। अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद युवक नीचे उतरने के लिए तैयार हुआ। पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिससे प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
घटना के बाद पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों और आम नागरिकों को मिलने वाली शासकीय सेवाओं की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि शिकायत की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




