तमिलनाडु में BJP के तुरूप के पत्ते के पार्टी से मोहभंग: अन्नामलाई का अगला कदम क्या होगा
चennai, Tamil Nadu
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु नेता के. अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में सामने आई खबरों में उन्होंने पार्टी छोड़कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावना के संकेत दिए हैं। सोमवार को उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों में वे अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे, जिससे राजनीतिक पेच और भी बढ़ गया है।
अन्नामलाई ने 2021 से 2025 तक तमिलनाडु में भाजपा की कमान संभाली, लेकिन पार्टी वहां खास सफलता नहीं जुटा पाई। लंबे समय से दक्षिण भारत में भाजपा मजबूत करने की कवायद हो रही है, फिर भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। हाल ही में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी गई थी।
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन खास नहीं रहा। वर्तमान में मुख्यमंत्री सी जोसेफ की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार राज्य में सत्ता में है। जब इस विवादित मुद्दे पर अन्नामलाई से सवाल किया गया, तो उन्होंने दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा कि कृपया थोड़ा इंतजार करें। वे जल्द ही विस्तार से इस विषय पर अपनी बात रखेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी से मिलने दिल्ली जा रहे हैं और पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया। उन्होंने संकेत दिया कि दो दिन बाद वे सभी अटकलों को खत्म कर अपनी स्थिति साफ करेंगे।
अन्नामलाई के इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में उनकी अगली चाल पर सबकी नजरें टिकी हैं। इससे साफ होगा कि वे भाजपा के साथ रहेंगे या किसी नए राजनीतिक सोपान की ओर कदम बढ़ाएंगे।
क्यों नाराज हैं अन्नामलाई?
अन्नामलाई केंद्र सरकार के तीन भाषा नीति को लेकर पिछली बार से अलग राय रखते आए हैं। मई महीने में उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं को अनिवार्य बनाने वाली अधिसूचना वापस लेने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय को अपनी पूर्व प्रतिबद्धता पर कायम रहना चाहिए, जो वर्ष 2029-30 से तीन भाषाओं की शुरुआत को लेकर थी। तब सीबीएसई ने इस नीति को वर्तमान वर्ष से लागू करने का आदेश दिया था, जो कि निर्धारित समय से पहले है। यह मुद्दा अन्नामलाई के भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से मतभेद का बड़ा कारण माना जा रहा है।
अपनी नाराज़गी जताने के अलावा, अन्नामलाई भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन के भी खिलाफ बताए जाते हैं। हालांकि, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एनडीए के लिए प्रचार किया। अटकलें लगाई जा रही हैं कि अन्नामलाई को दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण पद मिल सकता है या फिर वह आंध्रप्रदेश से राज्यसभा सदस्य बन सकते हैं। लेकिन भाजपा की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि अन्नामलाई का अगला कदम तमिलनाडु में भाजपा की सियासी रणनीति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें उनके अगले बयान पर टिकी हैं, जो उनके राजनीतिक भविष्य का रोड मैप तय करेगा।
संपादित : सुधीर शर्मा




