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एसडीएम सदर ने दिव्यांग बच्चों वाले किसान की सुनी फरियाद,तत्काल सुधरवाई खतौनी और दिलाई मदद

 

जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देशन में आयोजित जनता दर्शन के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली को उजागर कर दिया। उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार ने ग्राम आलापुर निवासी किसान विनोद कुमार पुत्र आशाराम की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए न केवल उनकी भूमि से संबंधित राजस्व अभिलेखों की त्रुटि का तत्काल समाधान कराया, बल्कि उनके दो मूक-बधिर बच्चों के उपचार और आवश्यक सहायता की भी व्यवस्था सुनिश्चित कराई। जनता दर्शन में पहुंचे किसान विनोद कुमार अपने लगभग 9 वर्षीय पुत्र और 7 वर्षीय पुत्री के साथ आए थे। दोनों बच्चे जन्म से ही बोलने और सुनने में असमर्थ हैं। किसान ने एसडीएम को अपनी भूमि संबंधी समस्या और बच्चों के उपचार की कठिनाइयों से अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम मनीष कुमार ने सबसे पहले किसान के प्रार्थना पत्र पर त्वरित कार्रवाई कराई। जांच में पाया गया कि ग्राम आलापुर स्थित आराजी संख्या 47/1 में किसान का नाम बालकिशन पुत्र आशाराम दर्ज था, जबकि अन्य सभी सरकारी अभिलेखों में उनका सही नाम विनोद कुमार पुत्र आशाराम अंकित था। नियमानुसार तत्काल नाम की दुरुस्ती कराकर खतौनी में सुधार कराया गया। इसके बाद किसान के नाम आराजी संख्या 47/1, रकबा 0.4250 हेक्टेयर भूमि का रिकॉर्ड सही रूप में दर्ज कर दिया गया। भूमि संबंधी समस्या का समाधान होने के बाद एसडीएम ने किसान के दोनों दिव्यांग बच्चों के उपचार की जानकारी लेने के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी से बातचीत की। अधिकारी ने बताया कि दोनों बच्चों की नियमित थैरेपी चल रही है तथा चिकित्सकों को उम्मीद है कि शीघ्र ही एक बच्चे के बोलने की सकारात्मक प्रगति देखने को मिलेगी। इस दौरान एसडीएम ने बच्चों को पौष्टिक खाद्य सामग्री (सुपोषण आहार) भी वितरित कराया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवार को शासन की दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाए तथा बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जनता दर्शन में प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना था कि राजस्व समस्या का त्वरित समाधान करने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के उपचार और सहयोग के लिए प्रशासन द्वारा उठाया गया कदम मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है।

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