सुदामा चरित्र सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
बॉंसी माता मंदिर बॉंसी प्रांगण में विगत सात दिनों से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आज समापन दिवस पर कथा व्यास राखी किशोरी जी ने कथा से जुड़े हुए विविध प्रसंगों को सुनाया,
सुदामा चरित्र सुनाते हुए कथा व्यास जी ने कहा अगर मित्र हो तो कृष्ण और सुदामा के जैसे हो जो अपने मित्र की दिशा और दशा कुछ पल में बदल दे,और आगे व्यास जी ने कहा श्रीमद्भागवत कथा श्रवण करने से सभी सुखों को भोगकर मोक्ष की प्राप्ति होती है,
सुन्दर भजनों पर झूमे श्रद्धालु,आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया,
कथा आयोजन परिक्षित लखन कुशवाहा, भैया लाल पुलैया, राम भगत कुशवाहा, नीलेश कुशवाहा,गोलू कुशवाहा,दिलीप कुशवाहा, राजेन्द्र कुशवाहा, देवेन्द्र कुशवाहा, मुकेश कुशवाहा, राजकुमार कुशवाहा, धर्मेंद्र कुशवाहा,सौरभ कुशवाहा, महेन्द्र कुशवाहा,खिलन कुशवाहा,जगभान कुशवाहा,लालू कुशवाहा, सहित कथा में सभी ग्राम वासियों का सहयोग रहा,



