बीएसए ने पूरे स्टाफ को थमाया कारण बताओ नोटिस
सुबह 8.40 बजे तक बंद मिला प्राथमिक विद्यालय
ग्रामीणों की शिकायत पर हरकत में आया शिक्षा विभाग
मचौराखुर्द विद्यालय में समय से पहले छुट्टी
मिड-डे मील में अनियमितता और पढ़ाई प्रभावित होने के आरोप
ललितपुर। विकासखंड जखौरा के ग्राम मसौराखुर्द (अनुसूचित जाति बस्ती) स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कथित लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रत्नेश कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए विद्यालय में तैनात समस्त स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा को विद्यालय का निरीक्षण कर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए रत्नेश कुमार ने बताया कि 5 अगस्त 2026 की सुबह ग्रामीणों ने उनके सीओजी मोबाइल नंबर पर फोन कर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही व्हाट्सऐप के माध्यम से विद्यालय के मुख्य द्वार पर लगे ताले और बाहर इंतजार कर रहे बच्चों की तस्वीरें भी भेजीं। शिकायत के अनुसार सुबह 8.40 बजे तक विद्यालय नहीं खुला था, जिससे छात्र-छात्राएं बाहर बैठने को मजबूर थे। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक अक्सर निर्धारित समय से देर से पहुंचते हैं और कई बार स्कूल को समय से पहले ही बंद कर दिया जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार नहीं किया जाता। बच्चों को मिलने वाले दूध और फल का वितरण भी नियमित रूप से नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि शिक्षकों की उदासीनता के कारण विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और बच्चों का शिक्षा स्तर गिर रहा है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय की वित्तीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की मांग की है। मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए रत्नेश कुमार ने विद्यालय के समस्त स्टाफ को निर्देश दिया है कि वे लौटती डाक से अपना पृथक-पृथक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा को तत्काल विद्यालय का निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच करते हुए विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए ने स्पष्ट किया कि जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।




