कोझिकोड में PRISM पहल ने सार्वजनिक शिक्षा में क्रांति ला दी
कोझिकोड, केरल: कोझिकोड उत्तर के पूर्व विधायक ए. प्रदीपकुमार ने एक अभिनव शैक्षिक परियोजना PRISM की शुरुआत की, जिसने राज्य में सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाए हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल परीक्षा में सफल बनाने तक सीमित न रहकर उन्हें जीवन की विविध चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।
ए. प्रदीपकुमार ने बताया, “हम चाहते थे कि छात्र न केवल परीक्षाओं में जीतें, बल्कि जीवन में भी विजेता बनें।” यह सोच इस परियोजना की मूल भावना रही है। PRISM ने कोझिकोड के अनेक स्कूलों में समग्र शिक्षा प्रदान करने का अवसर दिया है, जहां शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक विकास पर भी जोर दिया गया है।
इस पहल के तहत, शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण तकनीकों और छात्रों की व्यावहारिक समझ को बढ़ावा देने के लिए शिक्षण प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। साथ ही, छात्रों को योजना में शामिल कर उनकी रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल का विकास किया गया है।
सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र में PRISM पहल ने अभिभावकों और समुदाय के बीच भरोसा और सहयोग भी बढ़ाया है। परियोजना से जुड़ी सफलताओं के बारे में चर्चा करते हुए, कई शिक्षकों और अधिकारियों ने इसे मॉडल योजना करार दिया है, जो पूरे राज्य में अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल छात्रों का शैक्षिक प्रदर्शन बेहतर होता है, बल्कि वे सामाजिक और नैतिक मूल्य भी सीखते हैं, जो एक स्वस्थ समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। कोझिकोड में PRISM पहल ने यह स्थापित किया है कि सार्वजनिक स्कूल भी उत्कृष्टता प्राप्त कर सकते हैं यदि उन्हें सही समर्थन और दिशा मिले।
आगामी दिनों में, PRISM परियोजना के विस्तार और अन्य जिलों तक इसके प्रभावी मॉडल को पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इस पहल से प्रेरित अन्य स्थानीय सरकारें भी शिक्षा के क्षेत्र में ऐसी रचनात्मक परियोजनाओं को अपनाने की सोच रही हैं।
कोझिकोड में इस पहल की सफलता एक उदाहरण है कि किस प्रकार सशक्त नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टिकोण से शिक्षा में मौलिक बदलाव संभव हैं, जो बच्चों के भविष्य को आत्मनिर्भर और सुखी बनाने में सहायक साबित हो सकते हैं।




