चेन्नई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब ₹957.50, उपभोक्ताओं में आश्चर्य की लहर
चेन्नई, तमिलनाडु: घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में निरंतर वृद्धि से उपभोक्ता चिंतित हैं। पिछले तीन महीनों के दौरान 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में ₹89 की तेजी आई है, जिसके बाद अब इसका दाम ₹957.50 तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जिन्होंने पहले ही अपने सिलेंडर बुक करा रखे हैं लेकिन अभी तक उन्हें रिफिल नहीं मिला है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने पहले से रिफिल बुक किया है, उन्हें संशोधित रेट के अनुसार ही भुगतान करना होगा। इस फैसले से घरेलू परिवारों पर आर्थिक दबाव और बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण यह प्रवृत्ति आगे भी बनी रह सकती है तथा आम जनता को इसके लिए तैयार रहना होगा।
एलपीजी यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस, अधिकांश भारतीय परिवारों का प्राथमिक ईंधन स्रोत है। इसलिए इसकी कीमतों में वृद्धि सीधे तौर पर घरेलू बजट को प्रभावित करती है। पिछले एक वर्ष में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कई बार वृद्धि देखी गई है, जो महंगाई के दबाव को और बढ़ाती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि वे लगातार बढ़ती कीमतों से समस्याग्रस्त हैं और सरकार से तोड़-फोड़ की आशंका के बिना स्थिर दाम सुनिश्चित करने की मांग करते हैं। वहीं, उद्योग विशेषज्ञ बताते हैं कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सरकारी सब्सिडी में कटौती और वितरण नेटवर्क पर बढ़ते खर्च इस वृद्धि के मुख्य कारण हैं।
सरकारी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कुछ योजना बनाई जा रही है, लेकिन उसके लिए अभी तैयारियां पड़ रही हैं। इस बीच, उपभोक्ता अन्य विकल्पों जैसे इन्शुलेटेड खाना पकाने की विधियां या ऊर्जा बचाने वाले उपकरणों का उपयोग बढ़ा सकते हैं।
इस बीच एहतियात के तौर पर नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार ही रिफिल बुक कराएं और गैस की खपत में संतुलन बनाएं ताकि आर्थिक बोझ कम किया जा सके। उपभोक्ता संगठनों की बैठकें भी इस मुद्दे पर लगातार हो रही हैं, ताकि सरकार और वितरकों के बीच संवाद स्थापित हो सके।
समग्र रूप से देखा जाए तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतें आम जनता के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। सरकार, उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाने की अब काफी आवश्यकता है ताकि महंगाई से राहत मिल सके और रोजमर्रा की जीवनशैली पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।




