पद्मश्री मालती जोशी की याद में ‘स्मृति कल्प’ का भव्य आयोजन, इंदौर में साहित्य और सिनेमा के सितारे जुटेंगे
इंदौर, मध्यप्रदेश। प्रसिद्ध कथाकार और पद्मश्री से सम्मानित मालती जोशी की स्मृति में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम “स्मृति कल्प” इस वर्ष रविवार, 14 जून को प्रीतम लाल दुआ सभागार, इंदौर में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इस आयोजन में साहित्य और सिनेमा जगत की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी और मालती जी के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर गहन चर्चा होगी।
इस बार के आयोजन में दो सत्र होंगे। पहले सत्र में मालती जोशी के साहित्यिक योगदान तथा उनकी कहानियों पर वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा प्रकाश डाला जाएगा। दूसरे सत्र में मालती जी की कहानियों का पाठ प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें उनकी लेखनी की विशिष्ट शैली का आनंद लिया जा सकेगा।
इस कार्यक्रम में मुंबई से प्रसिद्ध अभिनेता, पटकथाकार और निर्देशक अतुल तिवारी शामिल होंगे। वहीं दिल्ली से वरिष्ठ साहित्यकार और संपादक लक्ष्मीशंकर बाजपेयी भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा जानी-मानी टेलीविजन हस्ती एवं साहित्यकार रंजना चितले और रंगमंच की प्रसिद्ध शख्सियत, मोटिवेशनल स्पीकर मंजूषा राजस जौहरी मालती जी की कहानियों का पाठ करेंगी।
प्रसिद्ध साहित्यकार ज्योति जैन, अनीता सक्सेना तथा शिक्षा क्षेत्र की विदुषी मधुरा फड़के अपने संस्मरण साझा करेंगी, जिससे मालती जी के व्यक्तित्व की गहराई और प्रभाव का अनुभव होगा। यह आयोजन सोमनाथ एंड मालती जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सालाना तरीके से आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य साहित्य और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महान हस्तियों की स्मृति को जीवित रखना है।
स्मृति कल्प कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि इस बार भी मालती जोशी की कथा-कहानियों और साहित्यिक दृष्टिकोण को समझने व सम्मानित करने के लिए बड़ी संख्या में साहित्य और सिनेमा प्रेमी शामिल होंगे। आगामी इस आयोजन से मालती जी की स्मृतियों को न केवल जिन्दा रखा जाएगा बल्कि युवा पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर उपस्थित सभी अतिथियों और दर्शकों को मालती जोशी की सरल लेकिन मार्मिक कहानियों के माध्यम से न्याय व संवेदनशीलता की सीख मिलेगी, जो आज के समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। आयोजकों ने बताया कि इस स्मृति समारोह के दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन पूरी तरह सुनिश्चित किया जाएगा ताकि सभी की सुरक्षा बनी रहे।
इस प्रकार, इंदौर में 14 जून को सम्पन्न होने वाला “स्मृति कल्प” कार्यक्रम न केवल साहित्य-संस्कृति का उत्सव होगा, बल्कि देश की उन महान महिलाओं के योगदान को भी सम्मानित करेगा, जिनकी रचनाएँ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखती हैं। सभी साहित्य प्रेमियों से इस आयोजन में भाग लेने की अपील की गई है।




