मुकदमा वापस लेने का दबाव, धमकी से सहमा पीडि़त परिवार
ससुर की हत्या के मामले में आरोपियों पर राजीनामा के लिए दबाव बनाने का आरोप
बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा, एसपी से सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
ललितपुर। थाना कोतवाली क्षेत्र के सिद्दनपुरा क्षेत्र के रहने वाले पिता-पुत्र पर हुये प्राणघातक हमले में जहां एक ओर पिता की उपचार के दौरान मौत हो गयी थी, तो वहीं उनका पुत्र जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इधर घटना को लेकर पुलिस ने नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर हमलावरों को पकड़ा भी है। अब प्रकरण को लेकर हमलावरों की ओर से राजीनामा करने का दबाव बनाते हुये परिवार व बच्चों को जान से मारने की धमकी लगातार दिये जाने का आरोप प्रकाश में आया है। इस सम्बन्ध में पीडि़त परिवार ने एसपी से मामले में जांच करायी जाकर पीडि़त परिवार को सुरक्षा दिये जाने की मांग उठायी है। धमकियों के चलते परिवार में दहशत का माहौल है और बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। सिद्धनपुरा निवासी किरण पत्नी कृपाल यादव ने बताया कि बीती 28 जुलाई 2026 को उनके ससुर घनश्याम यादव, पति कृष्णपाल यादव और सास गुडडीबाई पर कुछ लोगों ने घातक हथियारों से हमला कर दिया था। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से तीनों के साथ मारपीट की। हमले में घनश्याम यादव की मौत हो गई, जबकि कृष्णपाल यादव और गुडडी बाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल ललितपुर से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के संबंध में थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। मुकदमे में इन्दल सिंह यादव, पुष्पेन्द्र यादव, प्रमान यादव, चंचल अहिरवार, दीपक यादव, सनत परिहार, राजराजा सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि आरोपी इन्दल सिंह यादव के परिवार के कुछ सदस्य उनके मकान के आसपास ही रहते हैं और लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि मुकदमे में राजीनामा नहीं किया गया तो जेल से बाहर आने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों और बच्चों के साथ भी वही किया जाएगा, जो घनश्याम यादव के साथ हुआ। पीडि़ता का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भयभीत है। बच्चों में भी डर का माहौल है, जिसके चलते वे स्कूल जाने से भी डर रहे हैं। यह भी आरोप लगाया है कि मुकदमे में नामजद कुछ आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इनमें पुष्पेन्द्र यादव, सनत परिहार, चंचल अहिरवार और रतिभान के नाम शामिल किए गए हैं। महिला का आरोप है कि रतिभान और सनत परिहार खुलेआम घूम रहे हैं और परिवार को लगातार धमकियां दे रहे हैं। पीडि़ता ने रतिभान पर आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति होने तथा उसके विरुद्ध पूर्व में भी कई गंभीर मामले दर्ज होने का आरोप लगाया है। यह भी कहना है कि उसके पास घटना से संबंधित ऐसा वीडियो उपलब्ध है, जिसमें घनश्याम यादव पर हमला करने वाला व्यक्ति दिखाई दे रहा है। पीडि़त महिला ने पुलिस अधीक्षक से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने विवेचक को आवश्यक निर्देश देकर शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कराने, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा धमकी देने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।




