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ललितपुर में रोजगार और बेरोजगारी भत्ते की मांग को लेकर स्वाभिमानी मजदूर संगठन ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

 

ललितपुर। जिले के विभिन्न विकासखंडों में मजदूरी, जॉब कार्ड और बेरोजगारी भत्ते से जुड़ी गंभीर समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए ‘स्वाभिमानी मजदूर संगठन’ (SMS) ने जिलाधिकारी को एक सामूहिक ज्ञापन सौंपा है। संगठन का आरोप है कि नियमों के तहत मांगपत्र जमा करने के बावजूद कई ग्राम पंचायतों में मजदूरों को काम, जॉब कार्ड और बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

ज्ञापन में मजदूरों ने अपनी निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं और मांगों को रेखांकित किया है:

रोजगार की अनदेखी: रोजगार सेवक या सचिव द्वारा काम का मांगपत्र और नए जॉब आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं।

काम की अनियमितता: उच्च अधिकारियों (APO/BDO) को आवेदन देने पर कुछ दिन तो काम दिया जाता है, लेकिन दो-तीन दिन बाद पंचायत द्वारा काम बंद करा दिया जाता है।

नेटवर्क समस्या और हाजिरी: नेटवर्क न मिलने के कारण मजदूरों को कार्यस्थल से न भगाया जाए, बल्कि मस्टररोल में हस्ताक्षर और ग्रुप फोटो के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाए।

लंबित बेरोजगारी भत्ता: मड़ौनी विकासखंड की ग्राम पंचायत खटोरा में बीते 7 महीनों से काम न मिलने के कारण मजदूर पलायन को मजबूर हैं। यहाँ 40 मजदूर परिवारों का 25/12/2025 से 30/07/2026 तक कुल ₹9,82,800 का बेरोजगारी भत्ता बकाया है, जिसके भुगतान की मांग की गई है।

समय पर मजदूरी और धमकियाँ: मजदूरों से काम कराने के बाद समय पर भुगतान नहीं किया जाता। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर आवेदन करने पर रोजगार सेवक और प्रधान द्वारा मजदूरों को घर जाकर धमकाने तथा सचिव द्वारा FIR कराने की धमकी दी जा रही है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर इन समस्याओं पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो समस्त मजदूर परिवार जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने को विवश होंगे और इस मुद्दे को राज्य स्तर तक ले जाएंगे।

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