बिरधा पाली क्षेत्र में बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान
पाली। पाली में शुक्रवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दीं। तेज आंधी के साथ करीब आधे घंटे तक हुई बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

जानकारी के अनुसार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस अप्रत्याशित बारिश से सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ा, जिनकी फसल कटाई के अंतिम चरण में थी या कटकर खेतों में पड़ी थी।
किसानों ने बताया कि गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलें इस समय पूरी तरह पक चुकी हैं। कई जगहों पर कटाई भी हो चुकी थी और फसल को सुखाने के लिए खेतों में ही रखा गया था। अचानक हुई बारिश से यह फसल भीग गई, जिससे दानों के खराब होने और फसल के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, खड़ी फसलें तेज हवा और पानी के कारण खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।
ग्रामीण क्षेत्रों से मिली सूचनाओं के अनुसार कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फसल की गुणवत्ता खराब होने पर बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना भी कम हो जाती है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बेमौसम बारिश रबी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि मौसम साफ होते ही फसल को जल्द से जल्द सुखाने की व्यवस्था करें, ताकि नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि बदलती जलवायु परिस्थितियां किसानों के लिए नई चुनौतियां लेकर आ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है।
बिरधा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। खासकर गेहूं की फसल पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।
किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। कई जगहों पर खेतों में पानी से फसल गिरने की स्थिति भी सामने आ रही है।




