जेल से छूटने के कुछ घंटों बाद फिर गिरफ्तार हुआ एलयूसीसी में वांछित आरोपित जितेन्द्र निरंजन, हाईकोर्ट के निर्देश पर जेल से शनिवार की शाम छूटा था आरोपी
ललितपुर। जेल से छूटने के बाद कुछ घंटों बाद एलयूसीसी मामले में वांछित आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताते चलें कि जिला जालौन के कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला चौधरयाना निवासी जितेन्द्र सिंह निरंजन पुत्र रतन सिंह निरंजन को एलयूसीसी घोटाले के मामले में पुलिस ने पहले जेल भेज दिया था, हाईकोर्ट के निर्देश पर उसे शनिवार की शाम रिहा कर दिया गया था, वहीं पुलिस ने रविवार को युवक जितेन्द्र सिंह निरंजन को एलयूसीसी चिटफंड कम्पनी में हुए घोटाले के मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि एक शिकायतकर्ता द्वारा एलयूसीसी चिटफंड कम्पनी पर धोखाधड़ी कर षडय़ंत्र पूर्वक दस्तावेज तैयार कर रूपए हड़प लेने व वापिस मांगने पर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी का मामला तालबेहट कोतवाली में दर्ज था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस के अनुसार आरोपी जितेन्द्र ने बताया कि वर्ष 2015-16 में समीर अग्रवाल ने एलयूसीसी नामक चिटफंड कम्पनी बनाई थी, जिसमें उसे कम्पनी का डायरेक्टर बनाया गया था, उसे 2017 में उसे चैयरमेन के पद पर नियुक्त किया गया था, फरवरी 2021 तक वह चैयरमेन के पद पर रहा, लेनिक पूरी कम्पनी का संचालन समीर अग्रवाल व उसके मुम्बई, इंदौर, लखनऊ एवं अन्य राज्यों से जुड़े लोगों द्वारा किया जाता था, जिसमें उकसे साथी महंगे-महंगे होटलों में सेमीनार करते थे एवं लोगों को लालच देकर विदेश में ले जाकर घुमाते थे, ताकि लोगों के लगे कम्पनी सही है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोडऩे व अमीर बनाया जा सकता है। इस सुसाइटी के माध्यम से निवेश की गई धनराशि को अलग अलग जगहों पर निवेश कराया है, जहां पर बहुत मुनाफा होता है। उसने यह भी बताया कि उसने ललितपुर जलौन, टीकमगढ़, अशोकनगर, विदिशा में नेटवर्क स्थापित किया था, उसने लोगों को विश्वास दिलाकर करोड़ों रूपए से अधिक का निवेश कराया, उसने बताया कि पकड़ जाने से भय से वह लोग 7-8 महीने में वह अपना ऑफिस बदलते रहते थे।




