गाजियाबाद

पाकिस्तान की नींद उड़ी, चीन हुआ बेचैन: पुतिन ने भारत को दिया अनोखा ऑफर, अमेरिका भी हैरान

नई दिल्ली, भारत

भारत की वायु शक्ति को मजबूत करने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है। उन्होंने भारत को रूस के सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान Su-57 की पेशकश की है। इसके साथ ही संयुक्त उत्पादन (Co-production) का भी ऑफर दिया गया है, जिससे दोनों देशों के रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की संभावना बन रही है। यह प्रस्ताव वैश्विक और क्षेत्रीय सामरिक संतुलन के लिहाज से भारत के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।

चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा के बीच यह कदम भारत की रक्षा रणनीति को और मजबूती देगा। भारत वर्तमान में स्वदेशी वायु रक्षा प्रणालियों का विकास कर रहा है, जिसमें रूसी तकनीक जैसे S-400 मिसाइल सिस्टम भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस से 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। इसी के तहत मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच अतिरिक्त S-400 सिस्टम खरीदने को भी मंजूरी दी, जिससे कुल संख्या 10 हो जाएगी।

पुतिन ने कहा है कि रूस भारत के साथ संयुक्त वायु रक्षा प्रणाली और अन्य रक्षा उपकरणों के विकास में सहयोग के लिए पूरी तरह से तैयार है। वे Su-57 योजना में भारत को शामिल करना चाहते हैं और इस सहयोग पर किसी भी प्रतिबंध का कोई प्रभाव नहीं होगा। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि भारत-रूस के रक्षा संबंध मजबूत हैं और Su-57 से संबंधित विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय के माध्यम से साझा की जाएगी।

यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने अपनी रक्षा खरीद नीति में विविधता लाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। दशकों तक रूस भारत का सबसे बड़ा रक्षा सप्लायर रहा है, लेकिन युद्ध के कारण हथियारों की सप्लाई चेन में रुकावटें आईं। इसके कारण भारत अब स्वदेशी लड़ाकू विमान जैसे AMCA (एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) परियोजना पर भी कार्यरत है, जो 2035 के बाद भारतीय वायुसेना में शामिल होने की संभावना है।

Su-57: रूस का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान

Su-57 रूस का पांचवीं पीढ़ी का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे अमेरिका के F-35 और चीन के J-20 की बराबरी करने के लिए विकसित किया गया है। नाटो ने इस विमान को ‘फेलन’ नाम दिया है। इसकी खासियत इसकी सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, 2,130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति और रडार को चकमा देने की क्षमता है। यह विमान हवा, जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर प्रभावी हमला करने में सक्षम है। Su-57 की विंग स्पैन 46.3 मीटर और लंबाई लगभग 20 मीटर है। यह विमान 54,000 फीट तक उड़ान भर सकता है और 35,000 किलो तक वजन वहन कर सकता है। इसकी फायरिंग रेंज भी 3,500 किलोमीटर तक है।

भारत-रूस के बीच संभावित सहयोग

सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और Su-57 के निर्माता सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच संभावित सहयोग और वार्ता जारी है। बताया जा रहा है कि अगर Su-57 भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं पर खरा उतरता है, तो भारत लगभग 36 विमानों की खरीद पर विचार कर सकता है। भारत और रूस के बीच 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट के संयुक्त विकास (FGFA) पर लगभग 15 वर्षों तक चर्चा हुई, लेकिन 2021 में भारत ने महंगी लागत के कारण परियोजना से इतराव जताया था।

अमेरिकी चेतावनी के बावजूद भारत-Russia रक्षा संबंध

भारत ने अमेरिका की CAATSA प्रतिबंधों की चेतावनी के बावजूद रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद का समझौता किया है। यह कदम भी भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को दर्शाता है। रूस और भारत के बीच यह रक्षा सहयोग क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह रक्षा सौदा और Su-57 की संभावना भारत की सैन्य ताकत को न केवल बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्र में उसके दबदबे को भी मजबूत करेगी, जिससे पाकिस्तान की नींद उड़ेगी और चीन बेचैन होगा।

संपादक: सुधीर शर्मा

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