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पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाला, चीन को बेचैन करने वाला, पुतिन ने भारत को दिया ऐसा बड़ा ऑफर, अमेरिका भी हैरान

नई दिल्ली, भारत

चीन के साथ सैन्य प्रतिस्पर्धा बढ़ने और पाकिस्तान के साथ सुरक्षा तनाव के बीच भारत की वायु शक्ति को एक नया विस्तार मिल सकता है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को दुनिया के सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान Su-57 का ऑफर दिया है। रूस ने इस विमान के भारत में संयुक्त उत्पादन की इच्छा भी जताई है।

Su-57 को रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट माना जाता है जो अमेरिकी F-35 और चीनी J-20 जैसे विमानों का मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह विमान अपनी बेहतरीन सुपरमैन्यूवरेबिलिटी, रडार से बचने की क्षमता और 2,130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए जाना जाता है।

पुतिन ने कहा है कि रूस भारत के साथ एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य रक्षा उपकरणों के विकास में सहयोग करना चाहता है। अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस से 5 अरब डॉलर की लागत से पांच S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने का समझौता किया था। मार्च 2026 में भारत ने रूस से पांच और S-400 सिस्टम खरीदने को मंजूरी दे दी है, जिससे इनकी कुल संख्या दस हो जाएगी।

भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के संयुक्त विकास पर 15 वर्षों तक चर्चा चली, लेकिन 2021 में भारत ने लागत के कारण इस परियोजना से पीछे हटने का निर्णय लिया। हालांकि अब Su-57 को लेकर सहयोग की संभावनाएं फिर से चल रही हैं। Hindustan Aeronautics Limited (HAL) और सुखोई डिजाइन ब्यूरो के बीच बातचीत जारी है।

यूक्रेन युद्ध के बाद रूस से हथियार आपूर्ति में बाधाओं की वजह से भारत ने अपनी रक्षा खरीद नीति में विविधता लाना शुरू किया है। इसके साथ ही भारत स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान AMCA के विकास पर भी काम कर रहा है, लेकिन इसे 2035 से पहले भारतीय वायुसेना में शामिल करने की संभावना कम है।

पुतिन ने बताया कि Su-57 प्रोग्राम में भारत को शामिल करने के लिए रूस पूरी तरह तैयार है और इसे संयुक्त उत्पाद बनाने का प्रस्ताव दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के रक्षा संबंध मजबूत हैं और Su-57 से जुड़ी विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय द्वारा दी जाएगी।

इस नए प्रस्ताव से भारत का क्षेत्रीय सामरिक संतुलन मजबूत हो सकता है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो यह भारत की वायु शक्ति के लिए एक बड़ा कदम होगा, जो चीन और पाकिस्तान को चुनौती देगा।

Edited by: Sudhir Sharma

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