चलती ट्रेनों में बेखौफ चोरों का आतंक, सोते यात्रियों का पर्स और 84 हजार का मोबाइल उड़ा
ललितपुर जीआरपी ने दो अलग-अलग मामलों में दर्ज किए मुकदमे
ललितपुर। चलती ट्रेनों में सफर के दौरान सोए हुए यात्रियों को निशाना बनाने वाले चोरों का गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गया है। ललितपुर रेलवे स्टेशन के आसपास दो अलग-अलग ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में राजकीय रेलवे पुलिस थाना ललितपुर ने अज्ञात चोरों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305(सी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साबरमती एक्सप्रेस में महिला यात्री का पर्स चोरी पहला मामला ट्रेन संख्या 19168 साबरमती एक्सप्रेस का है। गुजरात के अकोटा (बड़ौदा) निवासी शिखा तिवारी पत्नी प्रतीक तिवारी, 19 जून को अयोध्या रेलवे स्टेशन से ए-1 कोच की सीट संख्या 47 पर सवार होकर यात्रा कर रही थीं। पीडि़ता के अनुसार 20 जून की सुबह करीब 7 बजे जब ट्रेन ललितपुर रेलवे स्टेशन के आसपास पहुंची और उनकी नींद खुली तो पैरों के पास रखा मरून रंग का लेडीज पर्स गायब मिला। पर्स में करीब 10 हजार रुपये नकद, एचडीएफसी बैंक का डेबिट कार्ड सहित अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। काफी तलाश के बाद भी पर्स नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने जीआरपी ललितपुर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। दूसरी घटना ट्रेन संख्या 22589 अमृत भारत एक्सप्रेस में हुई। चंदौली जनपद के बबुरी निवासी ज्ञानेश्वर यादव बनारस से पुणे जा रहे थे और एस-7 कोच की बर्थ संख्या 53 पर यात्रा कर रहे थे। उन्होंने रात में अपना सैमसंग एस-22 अल्ट्रा (ब्राउन कलर) मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया था। बताया कि 10 जुलाई की सुबह करीब 4.50 बजे जब उनकी नींद खुली तो मोबाइल फोन गायब था। चोरी हुए मोबाइल की कीमत लगभग 84 हजार रुपये बताई गई है। इस संबंध में जीआरपी ने एफआईआर दर्ज कर ली हैं।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों में अज्ञात चोरों ने यात्रियों के सोते समय वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखें, मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाकर बिना निगरानी न छोड़ें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना रेलवे पुलिस या हेल्पलाइन पर दें।




