लापरवाही के बाद वरिष्ठ चिकित्सक पर मामला दर्ज
कोर्ट ने दिया आदेश चिकित्सक के खिलाफ दर्ज हो एफआईआर
ऑपरेशन के बाद महिला की दोनों किडनियां हुई थीं खराब
ललितपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने चिकित्सीय लापरवाही के एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल ने जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना के आदेश दिए हैं। यह आदेश मनोज कुमार नामक व्यक्ति द्वारा दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद दिया गया है।
क्या है पूरा मामला ?
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी पत्नी को एपिगैस्ट्रिक हर्निया की समस्या थी। आरोप है कि 3 नवंबर 2025 को एक डॉक्टर ने कथित तौर पर निजी सुविधा शुल्क लेकर सरकारी अस्पताल में ही ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगडऩे लगी। जब उन्हें ग्वालियर, दिल्ली और फिर एम्स भोपाल ले जाया गया, तो पता चला कि गलत ऑपरेशन के कारण उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं और वह मल्टीऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम का शिकार हो गई हैं।
सीएमओ की रिपोर्ट पर कोर्ट का सवाल
मामले की जांच के लिए सीएमओ द्वारा एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में चिकित्सक को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि मरीज की हालत लेप्टोस्पायरोसिस नामक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण बिगड़ी, जिसका ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने इस जांच आख्या की विसंगतियों पर गौर किया, जिसमें जांच आख्या में कहा गया था कि चिकित्सक के घर पर कोई निजी ओटी नहीं मिला, लेकिन कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस निरीक्षण का कोई फोटो या वीडियो साक्ष्य मौजूद नहीं है। कोर्ट ने माना कि केवल टांके स्वस्थ होने के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि मरीज को कोई अंदरूनी संक्रमण या जटिलता नहीं रही होगी।
कोर्ट का फैसला
न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद एम्स भोपाल और मैक्स हॉस्पिटल की रिपोर्ट्स का अवलोकन करने के बाद पाया कि ऑपरेशन के तुरंत बाद ही पीडि़ता को गंभीर शारीरिक समस्याएं उत्पन्न हुईं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना पुलिस विवेचना के इस पूरे घटनाक्रम की सत्यता सामने आना संभव नहीं है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक जायसवाल ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध कारित होना प्रतीत होता है। उन्होंने संबंधित थाना अध्यक्ष को तत्काल अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।




