भू-माफियाओं से परेशान दिव्यांग ने दी आत्मदाह की चेतावनी
रजिस्ट्रीशुदा प्लॉट पर कब्जे की कोशिश का आरोप, डीएम से लगाई न्याय की गुहार
ललितपुर। जनपद में भू-माफियाओं से परेशान एक दिव्यांग व्यक्ति ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। बुंदेलखंड विकलांग फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष एवं ग्राम जुगपुरा निवासी बालकिशन प्रजापति ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ दबंग और भू-माफिया उनके वैध एवं रजिस्ट्रीशुदा प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से लगातार उन्हें प्रताडि़त कर रहे हैं। पीडि़त ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होंगे। पीडि़त बालकिशन प्रजापति, जो पैरों से दिव्यांग हैं, ने बताया कि करीब तीन वर्ष पूर्व उन्होंने चिंतामणि पुत्र नन्हेंलाल निवासी तालाबपुरा से आराजी नंबर 58 मि. में एक प्लॉट खरीदा था। जमीन की विधिवत रजिस्ट्री एवं बैनामा होने के बाद से वह लगातार उक्त भूमि पर काबिज हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पिछले एक वर्ष से क्षेत्र के कुछ रसूखदार लोग उन्हें लगातार डराने-धमकाने का कार्य कर रहे हैं। बताया गया कि इन लोगों की जमीन आराजी नंबर 23 में स्थित है, जो पीडि़त के प्लॉट के पास है। पीडि़त का कहना है कि आराजी नंबर 23 की अब तक कोई अधिकृत हदबंदी या पैमाइश नहीं हुई है, इसके बावजूद उक्त लोग आराजी नंबर 58 मि. के प्लॉट धारकों को परेशान कर रहे हैं। बालकिशन प्रजापति ने बताया कि इस क्षेत्र में कुल 24 प्लॉट बिके हुए हैं, जहां कई लोगों ने पिलर एवं बाउंड्री बनवाकर कब्जा ले रखा है। उनका आरोप है कि रजिस्ट्री लेखक व अन्य लोगों के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मुकदमे दर्ज हैं। पीडि़त के अनुसार जब वह जमीन के मूल मालिक चिंतामणि के पास समाधान के लिए पहुंचे तो उन्होंने कहा कि पहले विपक्षी पक्ष अपनी जमीन की हदबंदी कराए। यदि पैमाइश में जमीन आराजी नंबर 23 निकलती है तो वे सभी प्लॉट धारकों को दूसरी जमीन पर कब्जा दिलाने को तैयार हैं। दिव्यांग पीडि़त ने आरोप लगाया कि भू-माफिया सुनियोजित तरीके से प्लॉट धारकों के साथ धोखाधड़ी कर जमीन हड़पना चाहते हैं, जिससे दर्जनों परिवार परेशान होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। अपने शिकायती पत्र में बालकिशन प्रजापति ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले का निष्पक्ष समाधान होने तक संबंधित जमीन की खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आरोपितों की होगी।




