करोड़ों का बजाज फाइनेंस लोन घोटाला ललितपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सरगना समेत 11 पर गैंगस्टर एक्ट
ललितपुर। जनपद पुलिस ने करोड़ों रुपये के आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली सदर पुलिस द्वारा प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी की तहरीर पर गिरोह के सरगना सहित 11 आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस गिरोह को अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय बताया है।
फर्जी दस्तावेजों से किया करोड़ों का खेल
पुलिस जांच और एसआईटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपी गिरोह लोगों की जमीनों और संपत्तियों से जुड़े फर्जी बैनामे, रजिस्ट्री और विक्रय पत्र तैयार कर वित्तीय संस्थानों को धोखा देता था। आरोप है कि गिरोह ने तहसील और निबंधन कार्यालयों की फर्जी मोहरें और दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली बताकर उपयोग किया। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों ने बजाज फाइनेंस से करोड़ों रुपये का ऋण स्वीकृत कराया। जांच में अब तक 13 से अधिक फर्जी रजिस्ट्रियां सामने आई हैं, जिनके जरिए यह पूरा खेल संचालित किया गया।
बैंक खातों में ट्रांसफर हुई करोड़ों की रकम
पुलिस के अनुसार गिरोह ने अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और उनमें अपने मोबाइल नंबर लिंक कराए। इन खातों में 4 करोड़ 05 लाख 48 हजार 89 की रकम ट्रांसफर की गई, जिसे बाद में निकाल लिया गया।
इनके खिलाफ हुयी गैंगस्टर की कार्यवाही
कोतवाली पुलिस ने नेहरू नगर निवासी गैंग लीडर राशिद खान उर्फ शानू, गांधीनगर निवासी करन साहू, नेहरू नगर निवासी महेंद्र बरार उर्फ नगेले, महेंद्र राय, गोविंदनगर निवासी शमीम खान, नेहरू नगर निवासी राशिदा बानो, क्रेडिट मैनेजर नवनीत सिंह, ऑपरेशन मैनेजर पारस वर्मा, एरिया सेल्स मैनेजर अभिनव निगम, सेल्स एक्जीक्यूटिव विकास दिवाकर और पिसनारी निवासी वीरेन्द्र कुमार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह का प्रभाव इतना था कि स्थानीय लोग इनके खिलाफ खुलकर बयान देने से डरते थे। फिलहाल पुलिस गिरोह की संपत्तियों, बैंक खातों और अन्य आर्थिक लेनदेन की गहन जांच कर रही है। इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।




